साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
21-Feb-2026 06:48 PM
नई फसल की आवक जोर पकड़ने से सरसों में नरमी
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के नए माल की आवक कुछ राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है जबकि इसकी व्यापारिक एवं मिल गत मांग सामान्य से कम देखी जा रही है।
गिरावट
इसके फलस्वरूप 14-20 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में आमतौर पर 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई जबकि राजस्थान के खैरथल में भाव 400 रुपए लुढ़ककर 6300/6350 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 150 रुपए गिरकर 6700 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 200 रुपए घटकर 6800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
सरसों
सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमत भी धनेरा मंडी में 295 रुपए, चरखी दादरी में 275 रुपए, भरतपुर में 425 रुपए तथा अलवर में 200 रुपए घट गया। राजस्थान की अन्य मंडियों में भी सरसों के मूल्य में भारी गिरावट दर्ज की गई। देश के इस सबसे प्रमुख सरसों उत्पादक प्रान्त में नए माल की आवक जोर पकड़ती जा रही है और वहां इसके उत्पादन में कुछ सुधार आने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की हापुड़ एवं आगरा मंडी में सरसों के दाम में क्रमश: 200 रुपए एवं 90 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई और कोलकाता में सरसों का भाव 300 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
सरसों तेल
सरसों का भाव घटने से इसके तेल का दाम भी 4-6 रुपए प्रति किलो नीचे गिर गया। दिल्ली में एक्सपेलर का मूल्य 45 रुपए घटकर 1390 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुरैना में कच्ची घानी का मूल्य 60 रुपए लुढ़ककर 1370 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। कोटा में तो कच्ची घानी सरसों तेल का भाव 105 रुपए लुढ़ककर 1365 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। अन्य केन्द्रों में भी एक्सपेलर एवं कच्ची घानी सरसों तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल / डीओसी में कारोबार कमजोर रहा जिससे इसकी कीमतों में नरमी का माहौल देखा गया। इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग ज्यादा मजबूत नहीं देखी जा रही है।
