समूचे देश में पहुंचा मानसून लेकिन पूर्वोत्तर क्षेत्र में वर्षा का इंतजार

07-Jul-2026 12:38 PM

नई दिल्ली। लम्बे समय तक स्थिर या सुस्त रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून अब मजबूत, गतिशील एवं सक्रिय होकर लगभग समूचे देश में पहुंच गया। इसके फलस्वरूप अनेक राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है मगर पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में अब भी वर्षा की प्रतीक्षा हो रही है। सीजन के शुरुआती माह (जून) में मानसूनी बारिश में भारी कमी आ गई थी मगर जुलाई की अच्छी वर्षा से उस कमी का अंतर काफी घट गया है। 

जून में वर्षा के अभाव से सर्वाधिक प्रभावित मध्यवर्ती भारत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप में अब सामान्य औसत के मुकाबले बारिश की कमी का स्तर घटकर 14-14 प्रतिशत पर आ गया है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पश्चिमोत्तर राज्यों में सक्रिय हो गया है जिससे वहां भी वर्षा की कमी घटकर 22 प्रतिशत रह गई है। आगे यह कमी और भी घटने की संभावना है। लेकिन देश का पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भाग वर्षा के भारी अभाव से जूझ रहा है। वहां बारिश की कमी बढ़कर 42 प्रतिशत पर पहुंच गई है।  

पूर्वी भारत में खरीफ सीजन के दौरान धान की खेती सबसे ज्यादा होती है जबकि इसकी फसल को पानी की सर्वाधिक जरूरत पड़ती है। यदि वहां वर्षा का अभाव रहा तो समस्या गंभीर हो सकती है। वैसे यह क्षेत्र एक तरफ बंगाल की खाड़ी तथा दूसरी ओर हिमाचल पर्वत से घिरा है इलसिए वहां अक्सर वर्षा की संभावना बनी रहती है। 

मानसून का उत्तरी सिरा वर्तमान समय में जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार एवं भटिंडा से होकर गुजर रहा है जिससे गुजरात, राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब जैसे राज्यों के अनेक क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश या तो हो रही है या होने वाली है। इससे वहां खरीफ फसलों की बिजाई की रफ्तार बढ़ाने में किसानों को सहायता मिलेगी।