पहली तिमाही में भारतीय बंदरगाहों पर वस्तुओं की आवक ज्यादा
07-Jul-2026 01:52 PM
अहमदाबाद। इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यानी अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत के प्रमुख बंदरगाहों पर फ्राईट ट्रैफिक (वस्तुओं के आयात-निर्यात की मात्रा) 6.1 प्रतिशत बढ़कर 233.64 मिलियन टन पर पहुंच गया। रासायनिक उर्वरकों एवं अन्य विविध सामानों के आयात में हुई भारी वृद्धि के कारण फ्राईट ट्रैफिक में इजाफा हो गया।
एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान क्रूड खनिज तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों का कार्गो 1.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 66.85 मिलियन टन पर पहुंचा लेकिन अन्य तरल पदार्थों का आयात 9.1 प्रतिशत घटकर 7.44 मिलियन टन रह गया। तैयार रासायनिक उर्वरकों के आयात में 33.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई और इसकी मात्रा बढ़कर अप्रैल-जून की तिमाही में 20.70 लाख टन पर पहुंच गई।
इसी तरह अन्य विविध उत्पादों का आयात भी 26.6 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी के साथ 33.22 मिलियन टन पर पहुंचा। लौह अयस्क पेलेट्स की मात्रा 1.8 प्रतिशत बढ़कर 13.97 मिलियन टन पर पहुंच गई। खनिज पदार्थों के साथ-साथ कुछ खाद्य उत्पादों का भी अच्छा आयात किया गया।
देश में खाद्य तेलों एवं दलहनों के साथ कई अन्य खाद्य जिंसों का आयात बड़े पैमाने पर होता है। चावल, गेहूं, चीनी तथा मूंग का आयात लगभग बंद है।
प्रमुख भारतीय बंदरगाहों में कांडला पोर्ट पर सर्वाधिक 42.76 मिलियन टन कार्गो का संचालन किया गया। इसके बाद पारादीप बंदरगाह पर 39.67 मिलियन टन तथा जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट / जेएन पीटी) पर 27.64 मिलियन टन कार्गो का संचालन किया गया।
