सीजन के शुरूआती सात महीनों में चीनी का उत्पादन 7 प्रतिशत बढ़ा

01-May-2026 10:34 AM

नई दिल्ली। शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन के आरंभिक सात महीनों में यानी 1 अक्टूबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 के दौरान देश में चीनी का उत्पादन बढ़कर 275.28 लाख टन पर पहुंच गया

जो 2024-25 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 256.49 लाख टन से करीब 7 प्रतिशत अधिक है। 30 अप्रैल को केवल तमिलनाडु में पांच चीनी मिलें सक्रिय थीं जबकि देश की शेष सभी इकाइयां बंद हो चुकी थीं। पिछले साल 30 अप्रैल को 19 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग जारी थी।

इस्मा के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 92.40 लाख टन से घटकर 89.65 लाख टन पर अटक गया और वहां सभी इकाइयां बंद हो चुकी हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी गन्ना की क्रशिंग समाप्त हो गई है लेकिन वहां चीनी उत्पादन की स्थिति बेहतर रही।

महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन पिछले सीजन के 80.93 लाख टन से उछलकर इस बार 99.20 लाख टन तथा कर्नाटक में 40.40 लाख टन से बढ़कर 48.01 लाख टन पर पहुंचा। इस आंकड़े को महाराष्ट्र में अंतिम उत्पादन माना जा सकता है लेकिन कर्नाटक में आगामी महीनों के दौरान गन्ना क्रशिंग का विशेष सत्र आयोजित होगा इसलिए वहां चीनी के उत्पादन  में कुछ सुधार हो सकता है। ऐसा लगता है कि कर्नाटक में कुल उत्पादन 50 लाख टन से ऊपर पहुंच जाएगा।

इसके अतिरिक्त तमिलनाडु की कुछ इकाइयों में भी गन्ना की क्रशिंग होगी। इन दोनों राज्यों में संयुक्त रूप से 3-4 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है। इस तरह 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में चीनी का सकल उत्पादन 280 लाख टन के आसपास पहुंच सकता है।