पंजाब के आठ जिलों में गेहूं की आवक गत वर्ष से ज्यादा
01-May-2026 01:44 PM
चंडीगढ़। फरवरी के अंतिम दिनों से ही मानसून की असामान्य स्थिति के कारण उपज दर में गिरावट आने की आशंका के बावजूद पंजाब की मंडियों में इस बार उम्मीद से ज्यादा गेहूं की आवक हो रही है। इससे अधिकारी सजग-सतर्क हो गए हैं और सम्पूर्ण स्थिति की गहन निगरानी कर रहे हैं। राज्य के आठ जिलों में गेहूं की आपूर्ति गत वर्ष से ज्यादा हुई है और नियत लक्ष्य से भी आगे निकल गई है। भारतीय खाद्य निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल उन मंडियों का दौरा कर चुका है जहां गेहूं की भारी आवक हुई है।
सभी खरीद एजेंसियों के स्टॉक को सख्त निर्देश दिया गया है कि गेहूं के किसी भी ढेर की खरीद करने से पूर्व उसकी फोटोग्राफी की जाए, उसे उस दिन के समाचार पत्र में छपवाया जाए और सम्पूर्ण प्रक्रिया की वीडियो ग्राफी की जाए। ऐसे फोटोग्राफ को प्रत्येक दिन रखा जाएगा।
इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि कुछ मंडियों में जाली फर्मों द्वारा गेहूं की खरीद-बिक्री का प्रयास किया जा रहा है। कुछ लोग पंजाब से बाहर सस्ते दाम पर गेहूं की खरीद करके उसे राज्य की मंडियों में सरकारी एजेंसियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच रहे हैं। गेहूं का एमएसपी इस बार 2585 रुपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है।
जिन आठ जिलों में लक्ष्य से अधिक गेहूं की आपूर्ति हुई है उसमें मोहाली, संगरूर, लुधियाना पूर्व, फरीदकोट, कपूरथला, रूप नगर, (रोपड़), फतेह गढ़ साहिब, लुधियाना पश्चिम और पटियाला शामिल है। इन जिलों में नियत लक्ष्य की तुलना में 2 से 31 प्रतिशत तक अधिक गेहूं पहुंच चुका है जबकि नए स्टॉक का आना अभी जारी है।
समझा जाता है कि खाद्य निगम ने कुछ टीमें बनाई हैं जो इन जिलों की मंडियों में अचानक दौरा करेगी और वहां गेहूं की आवक का आंकलन करने के बाद अपनी रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय को भेजेगी। इस बार पंजाब में कुल 122 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जबकि अब तक करीब 114.13 लाख टन की खरीद हो चुकी है। राज्य में 15 मई तक गेहूं खरीद की समय सीमा निर्धारित की गई है।
