आधे से अधिक जलाशयों में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से नीचे
01-May-2026 01:48 PM
नई दिल्ली। बारिश की कमी, बढ़ती गर्मी एवं नियमित निकासी के कारण देश के जलाशयों में पानी का स्तर लगातार घटता जा रहा है। केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 166 प्रमुख बांधों एवं जलाशयों में से 50 प्रतिशत से अधिक में पानी का स्तर घटकर उसकी कुल भडारण क्षमता के 40 प्रतिशत से नीचे आ गया है। दक्षिण भारत में तो यह 30 प्रतिशत से कम है।
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इन 166 प्रमुख जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 183.565 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है जबकि फिलहाल उसमें केवल 71.082 बीसीएम या 38.72 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूस है। चार जलाशयों में 40 प्रतिशत से ज्यादा पानी का भंडार है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि मौजूदा जल स्तर गत वर्ष की समान अवधि से 14 प्रतिशत एवं दस वर्षीय औसत से 26.5 प्रतिशत बिंदु ऊंचा है। पिछले साल जल स्तर काफी घट गया था।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 29 अप्रैल 2026 के दौरान देश के एक-तिहाई से अधिक भाग में वर्षा नहीं या नगण्य हुई। वैसे अब मानसून-पूर्व की बारिश आरंभ हो गई है और खासकर दक्षिण भारत में इसकी तीव्रता अधिक रहने की उम्मीद है।
इस वर्ष अल नीनो मौसम चक्र का खतरा बना हुआ है जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में वर्षा सामान्य औसत से कम होने की संभावना है। बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक उत्साहवर्धक नहीं है। इससे खरीफ फसलों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। इन फसलों की बिजाई जून से आरंभ होने वाली है।
