राजस्थान में मसाला फसलों के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी के संकेत

15-Nov-2023 04:36 PM

जयपुर । जीरा धनिया, मेथी एवं ईसबगोल आदि मसालों के एक अग्रणी उत्पादक प्रान्त राजस्थान में चालू रबी सीजन के दौरान इसकी बिजाई में अच्छी बढ़ोत्तरी के संकेत मिल रहे है। पिछले कई महीनो से इन मसालों का बाजार भाव ऊंचा रहने से उत्पादकों को शानदार आमदनी प्राप्त हो रही है जिससे इसकी खेती के प्रति उत्साह एवं आकर्षण बढ़ गया है।

राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में मौजूदा रबी सीजन के दौरान राजस्थान में मसाला फसलों की बिजाई की रफ़्तार बेहतर चल रही है। 2022-23 के रबी सीजन के दौरान राजस्थान में 5.79 लाख हेकटेयर में जीरा की खेती हुई थी जबकि चालू रबी सीजन में 10 नवंबर तक इसका बिजाई क्षेत्र 1.79 लाख हेकटेयर पर पहुंच गया है जो गत सीजन के कुल क्षेत्रफल का 31 प्रतिशत है।

इसके अलावा यहां धनिया का उत्पादन क्षेत्र 22 हज़ार हेक्टेयर, मैथी का 19 हज़ार हेकटेयर एवं ईसबगोल का 68 हज़ार हेक्टेयर पर पहुंच गया। जिस तेज रफ़्तार से बिजाई हो रही है उसे देखते हुए लगता है कि चालू माह के अंत या सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह तक इन मसाला फसलों की बिजाई पूरी हो जाएगी और इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे निकल सकता है।

ध्यान देने की बात है कि जीरा का क्षेत्रफल राजस्थान में अधिक रहता है। मगर उत्पादन गुजरात में ज्यादा होता है क्योंकि राजस्थान की तुलना में गुजरात में जीरे की औसत उपज दर ऊंची रहती है।

इसके अलावा गुजरात में जीरे की प्रोसेसिंग के अनेक प्लांट मौजूद है जहां राजस्थान से भी माल पहुंचता है। कभी कभार जब गुजरात में फसल कमजोर रहती है तब राजस्थान में उत्पादन उससे बेहतर हो जाता है। गुजरात में भी इन मसाला फसलों की जोरदार बिजाई जारी है।