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22-Sep-2026 07:27 PM
कराची। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा ऋण का आवेदन स्वीकार किए जाने के बावजूद पाकिस्तान की संघीय एवं प्रांतीय सरकारों द्वारा नई फसल की कटाई-तैयारी के सीजन में किसानों 'से पर्याप्त मात्रा में गेहूं की खरीद नहीं की गई और न ही विदेशों से इसका समुचित आयात किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि वहां इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का रणनीतिक स्टॉक लगभग समाप्त हो गया है और वहां इसके भारी आयात की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है।
घरेलू प्रभाग में गेहूं तथा इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों की आपूर्ति एवं उपलब्धता में जोरदार गिरावट आने से पाकिस्तान के खाद्य सुरक्षा मंत्री ने 24 जुलाई 2026 को ही घोषणा की थी कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार से गेहूं का आयात किया जाएगा
अब कहा गया है कि यथाशीघ्र कम से कम 10 लाख टन गेहूं मंगाकर राज्यों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ-साथ एक सरकारी एजेंसी- कृषि भंडारण एवं सेवा निगम को भी अपने स्टॉक से गेहूं जारी करने के लिए कहा गया है। पाकिस्तान के पंजाब एवं सिंध प्रान्त में गेहूं की भारी किल्लत है। उसने संघीय सरकार के साथ आयातित गेहूं खरीदने का करार किया है।