पश्चिमी विक्षोप की सक्रियता से बारिश होने की संभावना

01-May-2026 12:06 PM

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि एक ठंडा पश्चिमी विक्षोभ ईरान, अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान को पार करते हुए अब हिंदुस्तान में प्रवेश कर गया है। पिछले दिन यह उत्तरी पाकिस्तान से सटे कश्मीर के कुछ भागों के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में मौजूद था।

इस पश्चिमी विक्षोभ के बाद एक अन्य विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है जिसके प्रभाव से पश्चिमोत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में 2 मई से बारिश हो सकती है। एक पूर्ववर्ती  ऊपरी हवा का ट्रफ पिछले दिन (30 अप्रैल को) अमृतसर, मुदकी एवं भटिंडा से होकर गुजर रहा था इस विक्षोभ से पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन का निर्माण हो गया है।

एक ट्रफ दक्षिण दिशा की ओर बढ़कर दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान के ऊपर पहुंच गया है जबकि उत्तरी-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक अतिरिक्त अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है।

इस ठंडे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इसका असर आंतरिक महाराष्ट्र एवं तेलंगाना में भी देखा जा सकेगा। एक ट्रफ मध्य प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी भाग से गुजर रहा है जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में बांग्ला देश, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

एक ट्रफ आंतरिक कर्नाटक से  होते हुए मन्नार की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है जिससे दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक एवं तमिलनाडु में मौसम पर असर पड़ सकता है।

इन घटनाक्रमों के फलस्वरूप देश के विभिन्न राज्यों में वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना  है। इसमें हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर , पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ तथा तटीय आंध्र प्रदेश शामिल है।