पंजाब में गेहूं की आवक गत वर्ष से कम और उठव की स्थिति बेहतर

08-May-2026 12:12 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य उपभोक्त मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चालू रबी मार्केटिंग सीजन में 6 मई 2026 तक पंजाब की मंडियों में करीब 122 लाख टन गेहूं की आपूर्ति हुई जो वर्ष 2025 की समान अवधि की आवक 125 लाख टन से कम रही।

दूसरी ओर मंडियों में (सरकारी क्रय केन्द्रों पर) खरीदे गए गेहूं के उठाव की गति इस बार तेज रही। 6 मई 2026 तक कुल 78.96 लाख टन गेहूं की मंडियों से निकालकर सुरक्षित भंडार केन्द्रों पर पहुंचाया गया जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 75.63 लाख टन गेहूं का उठाव किया गया था। इस तरह कम आपूर्ति के बावजूद अधिक निकासी होने से राज्य की मंडियों में गेहूं का अम्बार नहीं लग सका। 

खाद्य मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान सीजन में गेहूं के स्टॉक को मंडियों से उठाकर सीधी डिलीवरी करने का व्यापक प्लान तैयार किया गया है और इसके तहत अप्रैल 2026 में करीब 3.50 लाख टन गेहूं को प्रत्यक्ष डिलीवरी सिस्टम के जरिए गंतव्य स्थान पर पहुंचाया गया।

मई 2026 में इस प्रणाली के अंतर्गत 6.60 लाख टन गेहूं के स्टॉक को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। जून में भी लगभग 8 लाख टन अतिरिक्त गेहूं की सीधी डिलीवरी होने की संभावना है। इस प्रकार मौजूद रबी मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कुल 18 लाख टन गेहूं की सीधी डिलीवरी हो सकती है जिससे पंजाब के गोदामों पर भार में कमी आएगी। 

मंडियों से गेहूं का उठाव अपेक्षाकृत तेज गति से हो रहा है जिससे वहां भीड़ भाड़ कम करने में अच्छी सहायता मिल रही है। आगे भी इस योजना को जारी रखा जा सकता है। वैसे पंजाब की मंडियों में गेहूं की आवक अब तेजी से घटने लगी है। राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद की समय सीमा 1 अप्रैल से 15 मई तक नियत है। पंजाब से गेहूं की तेज निकासी के लिए रेलवे रैकों का विशेष प्रबंध किया गया है।