केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का स्टॉक 772 लाख टन से ऊपर पहुंचा

08-May-2026 01:09 PM

नई दिल्ली। रबी कालीन गेहूं की खरीद निरन्तर जारी रहने तथा राइस मिलर्स द्वारा चावल की नियमित आपूर्ति किए जाने से केन्द्रीय पूल में 1 मई 2026 को खाद्यान्न का कुल स्टॉक उछलकर 772.50 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो 1 अप्रैल 2026 को उपलब्ध स्टॉक 604.02 लाख टन से 168.48 लाख टन तथा 1 मई 2025 को मौजूद स्टॉक 738.19 लाख टन से 34.31 लाख टन ज्यादा है। इससे पूर्व केन्द्रीय पूल में 1 मई 2024 को 578.72 लाख टन तथा 1 मई 2023 को 555.34 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक पड़ा हुआ था। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल की तुलना में मई के आरंभ में केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक 386.10 लाख  टन से सुधरकर 389.50 लाख टन तथा गेहूं का स्टॉक 386.10 लाख टन से सुधरकर 389.50 लाख टन तथा गेहूं का स्टॉक 217.92 लाख टन से उछलकर 383 लाख टन पर पहुंच गया। इस तरह खाद्यान्न का कुल सरकारी स्टॉक न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा से लगभग तीन गुना ज्यादा है। 1 मई 2025 को भारतीय खाद्य निगम के पास 381.47 लाख टन चावल एवं 356.72 लाख टन गेहूं के साथ 738.19 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था। 

गेहूं की सरकारी खरीद प्रमुख उत्पादक राज्यों में अभी जारी है जबकि 1 अप्रैल से रबी कालीन धान की खरीद का मार्केटिंग सीजन भी औपचारिक रूप से आरंभ हो गया। तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में इसकी खरीद शुरू हो चुकी है जिससे केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक भी बढ़ेगा। इस तरह आगामी दिनों में गेहूं और चावल-दोनों के स्टॉक में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इससे भंडारण का संकट बढ़ सकता है। सरकार को खाद्यान्न के इस विशाल स्टॉक को घटाने के लिए विशेष प्रयास करना पड़ेगा।