ओएमसी के लिए एथनॉल के खरीद मूल्य में 5-10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होना आवश्यक
24-Jan-2025 08:38 PM
नई दिल्ली । पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने के लिए इसका उत्पादन बढ़ाना जरुरी है और उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्पादकों को लाभप्रद मूल्य मिलना आवश्यक है। भारत में गन्ना के साथ-साथ अनाज (मुख्यत: चावल एवं मक्का) से एथनॉल का निर्माण होता है।
हाल ही में सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के स्टॉक से एथनॉल डिस्टीलरीज को उपलब्ध करवाए जाने वाले चावल का दाम घटाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है ताकि इसके लागत खर्च में ज्यादा इजाफा न हो सके।
लेकिन अन्य खर्चों में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए स्वदेशी उद्योग केन्द्र सरकार से एथनॉल का दाम बढ़ाने का आग्रह कर रहा है।
आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर राहुल चौहान का कहना है कि सरकार को एथनॉल का मूल्य 5-10 प्रतिशत बढ़ाना चाहिए जो सामान्य वृद्धि है। गन्ना एवं अनाज से निर्मित होने वाले एथनॉल के दाम में काफी समय से इजाफा नहीं हुआ है।
चीनी मिलों एवं डिस्टीलरीज को राहत देने के लिए सरकार मक्का तथा गन्ना से निर्मित एथनॉल का दाम बढ़ा सकती है।
पेट्रोल में एथनॉल के 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल होने के कगार पर पहुंच गया है और आगे इसे बरकरार रखने की आवश्यकता है।
एथनॉल का आकर्षक मूल्य प्राप्त होने पर ही चीनी उद्योग तथा अनाज आधारित डिस्टीलरीज के लिए इसका उत्पादन करना लाभप्रद व्यवसाय साबित होगा।
एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम मक्का उत्पादकों के लिए वरदान साबित हो रहा है जबकि सरकार के पास चावल का भरपूर स्टॉक मौजूद है। यह स्टॉक न्यूनतम आवश्यक मात्रा से लगभग चार गुणा ज्यादा है।
आगामी महीनों में रबी कालीन चावल की आवक भी शुरू होने वाली है जिसके भंडारण के लिए गोदामों में जगह खाली करना जरूरी है। इसके फलस्वरूप चावल का दाम घटाया गया है।
