रूई के आयात पर निर्भरता खत्म करने हेतु घरेलू उत्पादन बढ़ाना जरुरी
12-May-2026 07:42 PM
अहमदाबाद। भारत संसार में कपास (रूई) का अग्रणी उत्पादक देश है और यहां कम से कम 11 राज्यों में इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है। इसमें गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं उड़ीसा शामिल है। केवल उड़ीसा को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में बीटी कॉटन की खेती होती है।
भारत में कपास का बिजाई क्षेत्र दुनिया के अन्य किसी भी देश से ज्यादा रहता है मगर औसत उपज दर में भारत काफी पिछड़ा हुआ है इसलिए यहां रूई का उत्पादन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाता है।
केन्द्र सरकार ने 56 अरब 69 करोड़ रुपए की विशाल धनराशि के साथ महत्वकांक्षी कॉटन मिशन लांच किया है जिसके तहत खासकर रूई की औसत उपज दर एवं क्वालिटी सुधारने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
यह योजना तो काफी अच्छी है और धनराशि भी पर्याप्त है लेकिन असली समस्या इस पर गम्भीरतापूर्वक अमल करने तथा इसे वास्तविक धरातल पर उतारने की होगी। कुछ अन्य मिशन की तरह यदि उसे भी आधी-अधूरी सफलता मिली तो उससे बात नहीं बनने वाली है।
