घरेलू एवं निर्यात मांग सीमित होने से जीरा का भाव नरम

12-May-2026 05:50 PM

राजकोट। घरेलू उत्पादन में गिरावट आने तथा गुजरात की बेंचमार्क ऊंझा मंडी में आपूर्ति कम होने के बावजूद जीरा की कीमतों में तेजी-मंदी का माहौल नहीं बन रहा है क्योंकि इसकी घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर है।

गुजरात एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में फसल की कटाई-तैयारी अभी ठीक से समाप्त भी नहीं हुई है मगर कमजोर मंडी भाव को देखते हुए उत्पादकों ने इसका स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है। 

उल्लेखनीय है कि एक अग्रणी संस्था- फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टैक होल्डर्स (फिस्स) ने चालू सीजन के दौरान जीरा के घरेलू उत्पादन में 15 प्रतिशत तथा गुजरात के व्यापारियों ने 25 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान लगाया है। पिछला बकाया स्टॉक भी सीमित होने से जीरा के दाम में तेजी-मजबूती की उम्मीद की जा रही थी लेकिन बाजार कुछ सुस्त नजर आने लगा है।

चीन में बेहतर उत्पादन होने से उसके आयातक भारतीय जीरे की खरीद में बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं जबकि पहले वह इसका सबसे बड़ा खरीदार हुआ करता था।

तुर्की, ईरान, सीरिया एवं अफगानिस्तान जैसे देशों में जीरा के नए माल की आवक अगले कुछ सप्ताहों में शुरू होने वाली है जिससे वैश्विक बाजार में भारत के लिए चुनौती और भी बढ़ सकती है। बांग्ला देश थोड़ी-बहुत मात्रा में जीरा खरीद रहा है मगर अरब देशों में निर्यात लगभग ठप्प पड़ गया है।