News Capsule/न्यूज कैप्सूल: रूस के गेहूं निर्यात अनुमान में कटौती, वैश्विक गेहूं बाजार को मिलेगा समर्थन

30-Jul-2026 09:16 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: रूस के गेहूं निर्यात अनुमान में कटौती, वैश्विक गेहूं बाजार को मिलेगा समर्थन
★ रूस की कृषि विश्लेषण संस्था SovEcon ने 2026-27 विपणन वर्ष के लिए रूस के गेहूं निर्यात का अनुमान घटाकर 446 लाख टन कर दिया है, जबकि पहले यह 465 लाख टन रहने का अनुमान था। यह कटौती मुख्य रूप से सी ऑफ अजोव (Sea of Azov) में नौवहन गतिविधियां बंद रहने के कारण की गई है।
★ संस्था ने जौ के निर्यात अनुमान को 34 लाख टन से घटाकर 32 लाख टन कर दिया है। हालांकि, बेहतर उत्पादन और ईरान से मजबूत मांग को देखते हुए मक्का निर्यात का अनुमान 34 लाख टन से बढ़ाकर 36 लाख टन कर दिया गया है।
★ इसके साथ ही रूस के कुल अनाज एवं दलहन निर्यात का अनुमान 561 लाख टन से घटाकर 538 लाख टन कर दिया गया है।
★ 2025-26 सीजन रूस के लिए निर्यात के लिहाज से मजबूत रहा था। उस दौरान गेहूं निर्यात 460 लाख टन, जौ 50 लाख टन और मक्का 46 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक था।
★ निकट भविष्य में सी ऑफ अजोव में नौवहन सामान्य होने की संभावना कम है। यह समस्या उत्पादन की नहीं बल्कि परिवहन व्यवस्था (लॉजिस्टिक्स) से जुड़ी है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अधिक अनाज रूस के घरेलू बाजार में ही रहेगा, जिससे वहां के स्थानीय गेहूं भाव पर दबाव बनेगा, जबकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति घटने से अंतरराष्ट्रीय कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
★ रूस विश्व का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है। ऐसे में उसके निर्यात में कमी आने से एशियाई खरीदारों को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ सकती है।
★ यदि भारत की निर्यात नीति अनुकूल रहती है और पर्याप्त उपलब्धता बनी रहती है, तो श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे पारंपरिक बाजारों में भारतीय गेहूं निर्यात बढ़ने की संभावना बन सकती है। साथ ही, रूस की कम आपूर्ति से वैश्विक गेहूं कीमतों को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि रूस के घरेलू बाजार में अतिरिक्त उपलब्धता के कारण वहां के गेहूं भाव दबाव में रह सकते हैं।

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