News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत: OMSS के तहत गेहूं बिक्री धीमी — क्या वर्तमान हालात में OMSS की जरूरत है?
07-Feb-2026 12:26 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत: OMSS के तहत गेहूं बिक्री धीमी — क्या वर्तमान हालात में OMSS की जरूरत है?
★ सरकार द्वारा ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत अब तक 8.51 लाख टन गेहूं की पेशकश की गई है, जिसमें 5.41 लाख टन पर बोलियां लगीं और 4.96 लाख टन की वास्तविक बिक्री हुई। औसत बिडिंग 58.35% रही, जो दर्शाती है कि सरकारी गेहूं की मांग अपेक्षाकृत सीमित है।
★ जनवरी के मध्य में कुछ नीलामियों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला, लेकिन कुल मिलाकर ऑफटेक मजबूत नहीं रहा।
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बाजार स्थिति
★ खुले बाजार में गेहूं के दाम कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं।
★ निजी व्यापार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया जा रहा है। सरकारी पोर्टल पर भी पर्याप्त मात्रा में गेहूं उपलब्धता प्रदर्शित की गई है।
★ केवल कुछ राज्यों से ही सक्रिय खरीद देखने को मिली है।
★ ऐसे परिदृश्य में यह सवाल उठ रहा है कि जब बाजार में पहले से ही पर्याप्त आपूर्ति और दबाव में कीमतें मौजूद हैं, तो OMSS के तहत अतिरिक्त बिक्री की आवश्यकता कितनी है?
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स्टॉक लिमिट पर भी सवाल
★ इसी सप्ताह सरकार ने गेहूं पर लागू स्टॉक लिमिट हटा दी है। जबकि बाजार में पहले से पर्याप्त उपलब्धता थी और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार स्टॉक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बताया जा रहा था।
★ ऐसे में यह प्रश्न उठता है कि पहले स्टॉक सीमा लागू करने और अब उसे हटाने के पीछे नीति का स्पष्ट उद्देश्य क्या था? यदि वास्तविक कमी का दबाव नहीं था, तो स्टॉक लिमिट जैसे कदमों से व्यापार में अनिश्चितता जरूर बढ़ी।
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नीतिगत हस्तक्षेप और बाजार
★ गेहूं बाजार में समय-समय पर हो रहे हस्तक्षेप से व्यापार संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। जब केंद्रीय पूल में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, निजी बाजारों में भी आपूर्ति आरामदायक है, कीमतें निचले स्तर पर हैं, OMSS बिक्री जारी है और गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध भी लागू है — तो ऐसे में हर शुक्रवार को स्टॉक की अनिवार्य रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर भी चर्चा हो रही है।
★ कुल मिलाकर, बाजार सहभागियों का मानना है कि नीतिगत स्थिरता और स्पष्ट संकेत, मौजूदा परिस्थितियों में सबसे अधिक आवश्यक हैं।
