नई फसल की आवक शुरू होने तक बड़ी इलायची में तेजी- मंदी जारी रहने की संभावना

23-May-2024 08:01 PM

गुवाहाटी । पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसम की हालत अनुकूल नहीं होने से बड़ी (काली) इलायची का उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित होने की आशंका है।

नेपाल जैसे शीर्ष आपूर्तिकर्ता देश में स्टॉक कम होने तथा विदेशी मांग मजबूत रहने  इलायची का भाव काफी ऊंचा एवं तेज चल रहा है जिससे भारत में इसका आयात करना आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद नहीं माना जा रहा है। घरलू प्रभाग में बड़ी इलायची का सीमित स्टॉक मौजूद है जबकि इसकी नई फसल आने में करीब दो-ढाई माह की देर है।  

कुछ समय पूर्व बड़ी इलायची का भाव कुछ तेज हुआ था जिसे देखते हुए उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों ने बिकवाली शुरू कर दी थी। इसकी प्रक्रिया अब भी जारी है जिससे कीमतों पर कुछ दबाव पड़ने लगा है।

लेकिन नरमी का माहौल अस्थायी है और जल्दी ही भाव पुनः सुधरने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों के अंदर इलायची का भाव करीब 40-45 रुपए प्रति किलो नरम पड़ा है। दरअसल ऊंचे दाम पर इसकी लिवाली अटकने लगी थी।

पर्व-त्यौहार एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन नहीं होने से बड़ी इलायची की जोरदार मांग नहीं निकल रही है जबकि दूसरी ओर इसका स्टॉक भी सीमित बताया जा रहा है। इसके फलस्वरूप कीमतों में सामान्य तेजी-मंदी का माहौल देखा जा रहा है।   

सिक्किम मेघालय, आसाम तथा पश्चिम बंगाल बड़ी इलायची के प्रमुख उत्पादक राज्य माने जाते हैं। सिक्किम में इसका सर्वाधिक उत्पादन होता है।

पिछली नीलामी के दौरान वहां बड़ी इलायची का औसत मूल्य कुछ सुधरकर 1250/1625 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया जो इसकी श्रेणी एवं क्वालिटी पर आधारित था।

नेपाल में अब इसकी आवक काफी कम हो रही है जबकि नेपाली इलायची का भारत पहुंच 'पड़ता' 1550-1600 रुपए प्रति किलो के करीब बैठ रहा है जो नीलामी मूल्य से भी ऊंचा है।  

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 के 11 महीनों में भारत से 1055.09 टन काली इलायची का निर्यात हुआ जो 2022-23 वित्त वर्ष के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 1811.60 टन से काफी कम था।