मुद्रा की मजबूती के बावजूद ऑस्ट्रेलिया में दलहनों की बिक्री की गति धीमी

12-Feb-2026 11:49 AM

मेलबोर्न। ऑस्ट्रेलिया में स्थानीय मुद्रा यानी ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD) की विनिमय दर मजबूत होने के बावजूद चना और मसूर जैसे महत्वपूर्ण दलहनों के उत्पादक अब अपने स्टॉक की बिक्री करने में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मार्केट में आपूर्ति घटने तथा मांग मजबूत रहने से कीमतों में तेजी का माहौल दिखा रहे हैं।

मार्केट में आपूर्ति घटने तथा मांग मजबूत रहने से कीमतों में तेजी का माहौल बनने लगा है। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार नवम्बर में दलहनों की भारी आवक हुई थी जिससे दिसम्बर 2025 में चना तथा मसूर के निर्यात में जोरदार इजाफा हो गया।

दिसम्बर-जनवरी में भी दलहनों की व्यापारिक गतिविधियां अच्छी रही और अनेक उत्पादकों ने अपना अधिकांश स्टॉक बेच दिया। अब बिकवाली की रफ्तार सुस्त पड़ गई है जिससे बाजार पुनः मजबूत होने लगा है। 

ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के आंकड़ों से पता चलता है कि नवम्बर की तुलना में दिसम्बर 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से चना का निर्यात 3.74 लाख टन से 57 प्रतिशत बढ़कर 5.88 लाख टन तथा मसूर का शिपमेंट 1.84 लाख टन से दोगुने से ज्यादा उछलकर 4.11 लाख टन पर पहुंच गया। इससे पूर्व अक्टूबर 2025 में वहां से महज 98 हजार टन चना तथा 45 हजार टन मसूर का निर्यात शिपमेंट किया गया था। 

वर्तमान समय में वहां देसी चना का ब्रिसबेन डिलीवरी मूल्य 630 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है। फरवरी के क्वींसलैंड प्रान्त के बंदरगाहों पर कम से कम चार जहाजों (कार्गो) में इसकी लोडिंग होती है जिसके लिए अनुबंध पहले ही हो चुके हैं लेकिन माल की आपूर्ति घटने से निर्यातकों की कठिनाई बढ़ गई है।

मध्य जनवरी के मुकाबले चना का भाव करीब 5 डॉलर प्रति टन ऊंचा है। ऐसा प्रतीत होता है कि खरीदार भाव को तोड़ने के लिए आपस में मिलकर काम कर रहे हैं। निर्यातकों को 35 हजार टन तक चना के स्टॉक की जरूरत है और वे इसे हासिल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।