मुनाफावसूली बिकवाली से घट सकते हैं धनिया के भाव : मगर अधिक मंदा नहीं
19-Jun-2026 07:58 PM
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान धनिया की कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो तेजी दर्ज की गई है। क्योंकि मिडिल ईस्ट देशों में शांति के चलते वायदा एवं हाजिर बाजारों में धनिया के भाव नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। सूत्रों का मानना है कि ऊंचे भावों पर बाजार में मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ सकती है जिस कारण से अल्पकाल के लिए भाव कुछ घट सकते हैं लेकिन अधिक मन्दा संभव नहीं है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर ईगल क्वालिटी का भाव 140/145 रुपए एवं बादामी का भाव 130/135 रुपए पर बोला जाने लगा है। सूत्रों का कहना है कि खपत की तुलना में उपलब्धता कम रहने के कारण आगामी दिनों में बाजार फिर 8/10 रुपए प्रति किलो बढ़ सकते हैं बशर्ते आयात न हो।
उल्लेखनीय है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण विगत 2/3 वर्षों से देश में धनिया की पैदावार घट रही है। इसके अलावा बकाया स्टॉक भी घट रहा है। धनिया का मुख्यतः उत्पादन गुजरात, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में होता है। मंडियों में नई फसल की आवक फरवरी-मार्च माह में शुरू हो जाती है।
घटता उत्पादन
विगत दो-तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घटता जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2023 में देश के धनिया का रिकॉर्ड उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2025 में 1.10 करोड़ रह गया। जबकि वर्ष 2026 में घटकर 95/97 लाख बोरी पर आने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। चालू सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में धनिया की पैदावार 43/44 लाख बोरी एवं गुजरात में 38/40 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा राजस्थान में 12/13 लाख बोरी धनिया की पैदावार मानी जा रही है।
आवक
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात में अभी तक लगभग 80 प्रतिशत माल आ चुका है इसके अलावा मध्य प्रदेश की मंडियों में भी 65/70 प्रतिशत माल आ चुका है। राजस्थान की मंडियों में भी 70/75 प्रतिशत धनिया में मंडियों के आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में धनिया की आवक 4/5 हजार बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की रामगंज मंडी में 2000/2500 बोरी की रह गई है। मध्य प्रदेश की गुणा मंडी में आवक 4/5 हजार बोरी जबकि अन्य मंडियों में नीमच, अशोकनगर, मंदसौर, बीनागंज में 500/700 बोरी की आवक चल रही है। वर्तमान में मंडियों में ईगल क्वालिटी का भाव 140/145 रुपए एवं बादामी का 130/135 रुपए बोला जा रहा है।
धारणा तेजी की
सूत्रों का कहना है कि खपत की तुलना में कुल उपलब्धता कम होने के कारण धनिया बाजार में धारणा तेजी की बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान नई पैदावार एवं बकाया स्टॉक को मिलाकर धनिया की कुल उपलब्धता 1.20/1.25 करोड़ बोरी की रहती है जबकि लोकल मांग एवं निर्यात को मिलाकर 1.40/1.50 करोड़ बोरी की आवश्यकता होती है। आगामी दिनों में धीरे-धीरे माल की सप्लाई प्रभावित होने के साथ ही कीमतों में अवश्य ही 10/15 रुपए प्रति किलो की तेजी आने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60211 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 679.70 करोड़ की रही जबकि वर्ष 2024-25 में धनिया का निर्यात 60323 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 633 करोड़ की रही थी। वर्ष 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का रहा था।
