खाद्य तेलों के विशाल आयात से तिलहनों का घरेलू बाजार भाव प्रभावित

24-Jan-2025 08:37 PM

मुम्बई । विदेशों से विशाल मात्रा में खाद्य तेलों का नियमित रूप से आयात हो रहा है जिसका असर घरेलू प्रभाग में तिलहनों और खासकर सोयाबीन के दाम पर देखा जा रहा है।

आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर- राहुल चौहान ने पिछले दिनों दिए एक साक्षात्कार में कहा कि देश में खाद्य तेलों की कुल मांग एवं जरूरत के 70 प्रतिशत भाग को विदेशों से आयात के जरिए पूरा किया जा रहा है और इस घरेलू बाजार भाव अन्तर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य में आने वाले बदलाव पर लगभग पूरी तरह निर्भर हो गया है।

हालांकि केन्द्र सरकार ने क्रूड एवं रिफाइंड श्रेणी के खाद्य तेलों के बुनियादी आयात मूल्य में पिछले साल 20 प्रतिशत बिंदु का इजाफा कर दिया था मगर भारतीय बाजार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

खाद्य तेलों की आपूर्ति एवं उलब्धता में भारी बढ़ोत्तरी होने के कारण घरेलू प्रभाग में स्वदेशी तिलहनों की मांग कमजोर पड़ गई और इसके फलस्वरूप किसानों की आमदनी पर निश्चित रूप से प्रतिकूल (ऋणात्मक) असर देखा जा रहा है। 

आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर के अनुसार पिछले सीजन के दौरान सोयाबीन उत्पादकों को काफी अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ था जबकि चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान उन्हें सरकारी समर्थन मूल्य से बहुत कम भाव प्राप्त हो रहा है।

इस बार सोयाबीन का अच्छा उत्पादन हुआ है लेकिन उत्पादकों को लाभप्रद मूल्य प्राप्त नहीं हो रहा है। इससे अगले सीजन में कुछ समस्या पैदा हो सकती है। इस बार रबी सीजन में सरसों का रकबा काफी घट गया है।