कपास के बिजाई क्षेत्र में करीब 16 लाख हेक्टेयर की गिरावट
30-Jun-2026 01:04 PM
नई दिल्ली। उत्तरी संभाग के राज्यों- पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में बिजाई क्षेत्र घटने के बाद गुजरात, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में कपास का उत्पादन क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी
क्योंकि सरकार ने इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोत्तरी कर दी है लेकिन मौसम एवं मानसून की हालत अनुकूल नहीं होने से लगभग सभी राज्यों के कपास की बिजाई का प्रदर्शन निराशाजनक देखा जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में कपास का कुल उत्पादन क्षेत्र 25 जून तक केवल 29.66 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 45.36 लाख हेक्टेयर से 15.70 लाख हेक्टेयर कम है।
आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में बिजाई की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है लेकिन मध्य प्रदेश तथा उड़ीसा के किसानों को वर्षा का इंतजार है। आगामी समय में बिजाई की रफ्तार जोर पकड़ सकती है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने गत वर्ष के मुकाबले इस बार कपास के रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की संभावना व्यक्त की थी लेकिन फिलहाल तो इसमें जोरदार गिरावट का माहौल बना हुआ है।
