भारतीय मसालों के आयात में चीन और अमरीका सबसे आगे
30-Jun-2026 12:40 PM
कोच्चि। यूं तो भारत से दुनिया के 100 से अधिक देशों को 80 से ज्यादा किस्मों के साबुत मसालों एवं मूल्य संवर्धित मसाला उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है लेकिन इसमें चीन तथा अमरीका अग्रणी है। भारत से चीन में मुख्यतः लालमिर्च एवं जीरा तथा अमरीका में कालीमिर्च, हल्दी एवं ओलियोरेसिन का आयात किया जाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय मसालों की कुल निर्यात आमदनी घटकर 4.43 अरब डॉलर पर सिमट गई जो 2024-25 की निर्यात आय 4.722 अरब डॉलर से 6.1 प्रतिशत कम रही। मसालों की निर्यात मात्रा में भी गिरावट दर्ज की गई। चीन में घरेलू उत्पादन बढ़ने से जीरा और लालमिर्च का आयात कमजोर पड़ गया लेकिन फिर भी वह पिछले अनेक वर्षों की भांति भारतीय मसालों का सबसे बड़ा खरीदार रहा। उधर अमरीका में भारी-भरकम टैरिफ के कारण मसालों का निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ मगर निर्यात आय की दृष्टि से वह इसका सबसे बड़ा बाजार बन गया। वैसे निर्यात आमदनी में कुछ कमी आ गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में अमरीका को हुए भारतीय मसालों के निर्यात से 71.116 करोड़ डॉलर की आमदनी हुई थी जो 2025-26 में घटकर 62.435 करोड़ डॉलर पर अटक गई। इस अवधि के दौरान अमरीका में भारत से कालीमिर्च और हल्दी का शिपमेंट तो बढ़ा लेकिन मसाला तेल एवं ओलियोरेसिन के निर्यात में कमी आ गई।
जहां तक चीन का सवाल है तो वहां भारत से 2024-25 के दौरान 76.958 करोड़ डॉलर मूल्य के मसालों का शानदार निर्यात हुआ था जो वित्त वर्ष 2025-26 में 32 प्रतिशत घटकर 51.858 करोड़ डॉलर पर अटक गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान चीन ने भारत से 92.828 करोड़ डॉलर मूल्य के 3.09 लाख टन मसालों का रिकॉर्ड आयात किया था। चीन में लालमिर्च एवं जीरा का उत्पादन बढ़ रहा है।
