कनाडा में मसूर का कुल उत्पादन 17.50 लाख टन होने का अनुमान

15-Nov-2023 05:42 PM

वैंकुवर । कनाडा की सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन द्वारा दिसम्बर 2023 के आरम्भ में मसूर फसल का नया उत्पादन अनुमान जारी किया जाएगा जिसमें 15.40 लाख टन के पुराने अनुमान में कुछ बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।

इस बीच उद्योग-व्यापार समीक्षकों का मानना है कि कनाडा में मसूर का वास्तविक उत्पादन 17.50 लाख टन के करीब हुआ। इसमें लाल मसूर के उत्पादन की मात्रा 12 लाख टन रही जो गत वर्ष से 41 प्रतिशत कम है। कनाडा से 2023-24 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में लाल (क्रिमसन) किस्म की मसूर का कुल निर्यात घटकर 10 लाख टन से नीचे सिमट सकता है।

देश में मसूर फसल की कटाई-तैयारी पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसी तरह हरी मसूर की उपलब्धता भी पिछले साल से कम रहने की संभावना है। मोटी हरी मसूर (लेयर्ड) का उत्पादन 4.25 लाख टन एवं छोटी हरी मसूर (एस्टोन) 1.40 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।

कनाडा से अगस्त में 46 हजार टन मसूर का निर्यात हुआ था जो सितम्बर में उछलकर 2.02 लाख टन के करीब पहुंच गया। सितम्बर 2022 में वहां से 2.80 लाख टन मसूर का निर्यात हुआ था।  

सितम्बर में कनाडा से 1.41 लाख टन लाल मसूर का निर्यात हुआ जिसमें से 83 हजार टन का शिपमेंट भारत को, 33 हजार टन का तुर्की को और 19 हजार टन का शिपमेंट संयुक्त अरब अमीरात को किया गया। इसी तरह कनाडा से सितम्बर में 38,221 टन हरी मसूर का शिपमेंट हुआ जिसमें से भारत को 8800 टन, अल्जीरिया को 6700 टन तथा कोलम्बिया को 4700 टन का निर्यात किया गया।

क्रिमसन (लाल) मसूर का डीएएफ वैंकुवर भाव नवम्बर-दिसम्बर डिलीवरी के लिए 675-680 अमरीकी डॉलर प्रति टन पर स्थिर बना हुआ है जबकि हाल ही में 650-660 डॉलर प्रति टन के मूल्य स्तर पर इसमें खरीदारों की कुछ दिलचस्पी देखी गई।

उधर मोटी हरी (लेयर्ड) मसूर का दाम बढ़ते हुए 1230-1240 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया है जो नवम्बर-दिसम्बर डिलीवरी के लिए डीएएफ वैंकुवर का भाव है। सबसे अंतिम कारोबार 1220 डॉलर प्रति टन पर हुआ। 

कनाडा में मसूर के उत्पादन अनुमान पर पहले से ही विवाद बरकरार है। दरअसल स्टैट्स कैन ने प्रतिकूल मौसम को देखते हुए सस्कैचवान और अल्बर्टा जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में मसूर की औसत उपज दर में भारी गिरावट आने का अनुमान लगाया लेकिन बाद में इन प्रांतों की  सरकार (कृषि विभाग) ने जो आंकड़ा जारी किया उसमें मसूर की औसत उपज दर का आंकड़ा ऊंचा बताया गया इसलिए कुल उत्पादन बेहतर होने का अनुमान है।