कमजोर मुद्रा एवं सीमित मांग के कारण भारतीय चावल के निर्यात मूल्य में गिरावट जारी

03-Jan-2025 01:36 PM

हैदराबाद । दुनिया के सबसे प्रमुख निर्यातक देश- भारत के चावल का निर्यात ऑफर मूल्य लगातार तीसरे सप्ताह घटकर पिछले 17 महीनों के निचले स्तर पर आ गया क्योंकि एक तो आयातक देशों में चावल की मांग कमजोर पड़ गई है और दूसरे, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की विनिमय दर घटकर दिलाई नीचे आ गई है। 

प्राप्त सूचना के अनुसार चालू सप्ताह के दौरान 5 प्रतिशत टूटे भारतीय सेला चावल का निर्यात ऑफर मूल्य गिरकर 436-442 डॉलर प्रति टन पर आ गया जो पिछले सप्ताह 439-445 डॉलर प्रति टन रहा था। 5 प्रतिशत टूटे सफेद चावल का भाव 440-449 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक नव वर्ष के अवकाश के कारण चालू सप्ताह के दौरान एशिया तथा अफ्रीका के आयातकों द्वारा भारतीय चावल की खरीद में कम दिलचस्पी दिखाई गई मगर अगले सप्ताह से इसकी अच्छी मांग निकलने की उम्मीद है। उधर 1 अमरीकी डॉलर का मूल्य 85 रुपए से भी ज्यादा हो गया है जिससे भारतीय निर्यातकों का मार्जिन बढ़ रहा है। 

उधर थाईलैंड के निर्यातकों का कहना है कि भारत से चावल के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी की संभावना को देखते हुए थाई चावल के निर्यात में गिरावट आ सकती है।

दरअसल पिछले साल भारत के जिस परम्परागत चावल निर्यात बाजार पर थाईलैंड का कब्जा हो गया था वह अब पुनः भारतीय चावल निर्यातकों के अधिकार में वापस जाने लगा है।

कुछ समीक्षकों के अनुसार थाई चावल के निर्यात में 25-30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। उसके 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य फिलहाल 490-502 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है जो भारत के चावल से बहुत ऊंचा है। मांग कमजोर है और आपूर्ति भी सीमित हो रही है। 

वियतनाम फूड एसोसिएशन के मुताबिक 5 प्रतिशत टूटे वियतनामी चावल का निर्यात ऑफर मूल्य पिछले सप्ताह के 485 डॉलर से गिरकर अब 481 डॉलर प्रति टन रह गया है और अवकाश के कारण वहां व्यापारिक गतिविधियां काफी सुस्त पड़ गई है।

ल्यूनर नव वर्ष का त्यौहार इस बार 25 जनवरी से आरंभ हो रहा है और तब तक चावल का कारोबार धीमा रह सकता है।