ईरान युद्ध से यूरिया का संकट उत्पन्न होने की आशंका
01-Apr-2026 01:07 PM
नई दिल्ली। यद्यपि केन्द्र सरकार का दावा है कि देश में रासायनिक उर्वरकों का स्टॉक गत वर्ष से काफी अधिक है और घरेलू उत्पादन तथा आयात बढ़ाकर इसकी उपलब्धता में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध जारी रहा तो भारत में यूरिया के अभाव का संकट उत्पन्न हो सकता है।
वैश्विक उर्वरक बाजार पर ईरान युद्ध का गहरा असर पड़ने की आशंका है जिससे भारत का भी प्रभावित होना स्वाभाविक ही है।
भारत में उर्वरकों का उत्पादन घरेलू मांग एवं खपत से काफी कम होता है इसलिए विदेशों से विशाल मात्रा में इसके आयात की आवश्यकता बनी रहती है।
एक तरफ स्वदेशी इकाइयों को महत्वपूर्ण कच्चे माल एवं अन्य साधनों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है तो दूसरी ओर विदेशो से इसके आयात में बाधा पड़ रही है।
अप्रैल-मई में इसका सर्वाधिक आयात एवं उत्पादन किया जाता है ताकि जून से आरंभ होने वाले खरीफ सीजन की जोरदार मांग (करीब 390 लाख टन) को पूरा किया जा सके। यदि ईरान युद्ध जल्दी समाप्त हो गया तो आयात की रफ्तार बढ़ सकती है।
