ईरान युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य संकट उत्पन्न होने की आशंका

26-Mar-2026 04:54 PM

साओ पाउलो। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षकों का मानना है कि यदि ईरान-इजरायल के बीच युद्ध लम्बे समय तक जारी रहा तो विश्व स्तर पर गंभीर खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है। इसका कारण यह है कि अनेक देशों को रासायनिक उर्वरकों की समुचित आपूर्ति नहीं होगी जिससे वहां कृषि उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। पश्चिम एशिया संकट के कारण उर्वरकों का वैश्विक बाजार भाव तेजी से बढ़ता जा रहा है और शिपमेंट खर्च में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। एशियाई देशों के कृषि उत्पादन पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

ब्राजील के एक विश्लेषक का कहना है कि यूरिया के निर्माण में लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) मुख्य घटक होती है लेकिन इसकी आपूर्ति जरुरत से बहुत कम हो रही है। ईरान-इजरायल युद्ध शीघ्र समाप्त होना चाहिए ताकि समुद्री यातायात सुचारू ढंग से संचालित हो और शिपमेंट चार्ज सामान्य स्तर पर आ सके। यदि ईरान-इजरायल युद्ध अप्रैल के अंत तक जारी रहता है तो यूरोप एवं उत्तरी अमरीका महाद्वीप में कृषि फसलों की बिजाई पर इसका जबरदस्त प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अमरीका, कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी एवं ब्रिटेन सहित अनेक देशों में आमतौर पर अप्रैल से बिजाई शुरू हो जाती है।

इस संकट के कारण अनेक देशों को दीर्घकालीन नीति बनाने और नए-नए व्यापारिक साझीदारों की तलाश करने के लिए विवश होना पड़ेगा। भारत को रासायनिक उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा और इसके लिए विशेष रणनीति तैयार करनी होगी।