गन्नी बोरियों की कमी से पंजाब में गेहूं की खरीद प्रभावित होने की आशंका

26-Mar-2026 05:42 PM

लुधियाना। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद का नया मार्केटिंग सीजन शुरू होने वाला है लेकिन वहां गन्नी बोरियों की भारी कमी के कारण इसकी खरीद में बाधा पड़ने की आशंका है। पंजाब प्रत्येक वर्ष केन्द्रीय पूल में 120 से 130 लाख टन के बीच गेहूं का योगदान देता है।

चालू वर्ष के दौरान राज्य में गेहूं का शानदार उत्पादन होने के आसार हैं जिससे विभिन्न मंडियों में इसकी जोरदार आवक होगी। ऐसी स्थिति में गन्नी बोरियों की कमी के कारण अगर मंडियों में गेहूं की पैकिंग तथा इसके उठाव में बाधा पड़ी तो उत्पादकों को भारी कठिनाई हो सकती है। 

पंजाब के आढ़तिया (कमीशन एजेंट) एसोसिएशन का कहना है कि राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए करीब 26 करोड़ गन्नी बोरियों की जरूरत है। प्रत्येक बोरी की पैकिंग क्षमता 50 किलो की होती है। लगभग 130 लाख टन गेहूं की खरीद और पैकिंग के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी।

लेकिन गन्नी बोरियों का कुल स्टॉक इससे करीब 5 करोड़ बोरी कम है। शुरुआती दौर में तो ज्यादा समस्या नहीं आएगी लेकिन जैसे-जैसे खरीद का सीजन जोर पकड़ता जाएगा, वैसे-वैसे संकट भी बढ़ने लगेगा। 

केन्द्र सरकार गेहूं की खरीद के लिए पंजाब को लगभग 33,000 करोड़ रुपए का फंड पहले ही जारी कर चुकी है ताकि किसानों को सही समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

गन्नी बोरियों की कमी से गेहूं की खरीद में देर हो सकती है। मंडियों में गेहूं का अम्बार लग सकता है और किसानों को वित्तीय संकट झेलना पड़ सकता है।