बासमती चावल के निर्यातकों को सरकारी सहयोग का आश्वासन

26-Mar-2026 05:35 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने बासमती चावल के निर्यातकों को हर संभव सहयोग-समर्थन देने का आश्वसन दिया है जिसमें बीमा दावे का तेजी से सेटलमेंट भी शामिल है। दरअसल ईरान- इजरायल युद्ध के कारण सम्पूर्ण पश्चिम एशिया, मध्य-पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र में विषम स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहां भारतीय निर्यातकों को अपने बासमती चावल का शिपमेंट करने में कई चुनौतियों एवं समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

गत 25 मार्च को अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के अधीनस्थ निकाय-विदेश व्यापार महा निदेशालय (डीजीएफटी) कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) तथा भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी)के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करके उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया और अधिकारियों ने भरपूर सहायता का आश्वासन दिया। 

उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट का जलमार्ग काफी हद तक बंद हो गया है जबकि यह पश्चिम एशिया को कार्गो शिपमेंट का प्रवेश द्वार माना जाता है। 28 फरवरी से ही इस जलमार्ग पर जहाजों के आवागमन में कठिनाई हो रही है। 

सरकार ने 15 फरवरी से 30 जून तक पश्चिम एशिया के संकट से प्रभावित होने वाले कार्गो शिपमेंट पर निर्यातकों को होने वाले अतिरिक्त खर्च के भार को हटाने के लिए क्षतिपूर्ति देने का भी आश्वासन दिया है।

जहां तक भुगतान से सम्बन्धित जोखिम का सवाल है तो निर्यात ऋण गारंटी निगम ने कहा है कि मल्टी-बायर ओपन पॉलिसी के तहत सभी दावों के निस्तारण 30 दिनों में किया जाएगा।