ईरान पर अमरीकी प्रतिबन्ध से बासमती चावल निर्यातकों की चिंता बढ़ी

25-Aug-2026 05:06 PM

नई दिल्ली। अमरीका द्वारा ईरान पर नए सिरे से आर्थिक प्रतिबन्ध लगाए जाने से भारतीय निर्यातक चिंतित हैं क्योंकि ईरान के साथ भारत के 1.60 अरब डॉलर का वार्षिक कारोबार इससे प्रभावित होने और खासकर भुगतान का संकट बढ़ने की आशंका है। इसका ज्यादा असर बासमती चावल के निर्यात पर पड़ने की सम्भावना है। अमरीकी आर्थिक प्रतिबन्ध के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के माध्यम से होने वाले भुगतान का रास्ता बंद हो गया है।

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के आकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का ईरान के साथ व्यापार 1.63 अरब डॉलर का हुआ। 25 अगस्त 2026 तक ईरान को भारत से 1.26 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया गया। भारत अभी तक ईरान के साथ भूटान की सेटिंग के लिए यूएई को माध्यम के तौर पर इस्तेमाल का रहा था  इस अवस्था के अंतर्गत संयुक्त अरब अमीरात पहले ईरान से भुगतान एकत्रित करता था और फिर उसे भारतीय निर्यातकों को ट्रांसफर करता था। इससे कारोबार की गति सामान्य बनी हुई थी। 

लेकिन गत सप्ताह यूएई ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार एवं वित्तीय लेन-देन को स्थगित करने की घोषणा कर दी। इससे भुगतान का मैकेनिज्म बंद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। अनेक भारतीय निर्यातक पहले से ही भुगतान सम्बन्धी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अब यूएई के बजाए तुर्किये को भुगतान का माध्यम बनाने की संभावना तलाशी जा रही है। 

ईरान को उत्पादों का निर्यात करना भी महंगा और खर्चीला हो गया है क्योंकि उसके शिपमेंट में समय ज्यादा लगता है। निर्यातकों को सीधे ईरान को वस्तुओं की शिपमेंट करने के बजाए किसी अन्य देश के माध्यम से इसका निर्यात करना पड़ सकता है। तुर्किए को एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है। लेकिन इसके लिए तुर्किये का सहमत होना आवश्यक है।