इंडोनेशिया में 20 लाख हेक्टेयर में जंगल को साफ करके कृषि योग्य भूमि बनाने का प्रस्ताव
13-Jan-2025 06:13 PM
जकार्ता । दक्षिण-पूर्व एशिया में अवस्थित देश- इंडोनेशिया के वन मंत्री ने 20 लाख हेक्टेयर (50 लाख एकड़) में जंगलों को साफ करके उसे खाद्यान्न एवं बागानी फसलों की खेती के लिए कृषि योग्य भूमि में तब्दील करने का प्रस्ताव रखा है।
यह क्षेत्रफल दक्षिण कोरिया के कुछ आकार (क्षेत्रफल) का लगभग दोगुना है। लेकिन इस प्रस्ताव से वहां बवाल उत्पन्न हो गया है।
पर्यावरण संगठनों का कहना है कि जंगलों का इतने बड़े पैमाने पर सफाया होने से न केवल विशाल मात्रा में ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन होगा बल्कि जंगली जीव-जंतुओं एवं वनस्पतियों को भी भारी नुकसान होगा।
वन मंत्री के अनुसार 20 लाख हेक्टेयर में ऐसे जंगली क्षेत्र की पहचान की गई है जिसे खेती के लायक जमीन में परिवर्तित किया जा सकता है।
इस जमीन में कृषि फसलों के साथ-साथ ऑयल पाम एवं नारियल आदि की खेती हो सकती है। 30 दिसम्बर 2024 को ही वन मंत्री ने इसकी घोषणा की थी।
ध्यान देने की बात है कि जंगलों को साफ करके वहां पाम का बागान लगाए जाने के मुद्दे पर यूरोपीय संघ पहले ही भारी नाराजगी व्यक्त कर चुका है और वहां जैव ईंधन निर्माण में पाम तेल के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि इंडोनेशिया में पहले भी इस तरह का प्रस्ताव रखा गया था मगर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव के कारण उस पर कभी अमल नहीं किया जा सका। इंडोनेशिया संसार में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है।
लेकिन वहां बायोडीजल में 40 प्रतिशत पाम तेल के अनिवार्य उपयोग का नियम लागू होने से निर्यात पर असर पड़ने की संभावना है इसलिए वहां नए-नए क्षेत्रों में पाम का बागान लगाए जाने की जरुरत महसूस की जा रही है। यह प्रस्ताव इसी योजना का एक हिस्सा माना जा रहा है।
