गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से काफी पीछे
08-Jul-2026 08:41 PM
अहमदाबाद। मानसून की वर्षा का अभाव रहने के कारण देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में खरीफ फसलों की बिजाई की गति काफी धीमी चल रही है। वहां खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र घटकर 18.50 लाख हेक्टेयर के करीब रह गया है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 43.10 लाख हेक्टेयर से लगभग 57 प्रतिशत कम है।
अब वहां अच्छी बारिश होने लगी है जिससे फसलों की बिजाई की रफ्तार कुछ तेज होने की उम्मीद है। चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में फसलों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 85.30 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके सापेक्ष 22 प्रतिशत क्षेत्र में ही बिजाई हो सकी है।
राज्य कृषि विभाग की नई रिपोर्ट के अनुसार यद्यपि पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 30,060 हेक्टेयर से कुछ सुधरकर 30,435 हेक्टेयर से कुछ सुधरकर 30,435 हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मक्का का रकबा 80,689 हेक्टेयर से लुढ़ककर 37,101 हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 52,295 हेक्टेयर से घटकर 8534 हेक्टेयर पर अटक गया।
दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 73,162 हेक्टेयर से घटकर इस बार 15,498 हेक्टेयर रह गया। इसके तहत अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र 48,717 हेक्टेयर से लुढ़ककर 14,097 हेक्टेयर, मूंग का क्षेत्रफल 12,080 हेक्टेयर से गिरकर 540 हेक्टेयर तथा उड़द का रकबा 11,085 हेक्टेयर से फिसलकर 820 हेक्टेयर पर सिमट गया।
तिलहन फसलों की स्थिति भी दलहनों जैसी ही रही। गुजरात में तिलहन फसलों का सकल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 19.40 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 6.66 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत खासकर मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 17.60 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.29 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। वहां सोयाबीन के रकबे में भी भारी गिरावट आई है। इतना ही नहीं बल्कि राज्य में कपास का क्षेत्रफल भी 17.10 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.32 लाख हेक्टेयर रह गया है।
