गेहूं की वैश्विक उपलब्धता 1.10 लाख टन पर पहुंचने की संभावना

10-Apr-2026 05:39 PM

शिकागो। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की अप्रैल रिपोर्ट में 2025-26 सीजन के दौरान गेहूं की वैश्विक उपलब्धता का अनुमान मार्च रिपोर्ट की तुलना में 15 लाख टन बढ़ाकर 1.103 अरब टन निर्धारित किया गया है जिसमें उत्पादन के साथ पिछला बकाया स्टॉक भी शामिल है। इसके तहत खासकर यूरोपीय संघ एवं रूस में उत्पादन बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। 

दूसरी ओर भारत में खाद्य, बीज एवं औद्योगिक उद्देश्य में गेहूं के कम उपयोग की संभावना के कारण उस्डा ने इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की वैश्विक खपत का अनुमान 47 लाख टन घटाकर 82.01 करोड़ टन निर्धारित किया है।

रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के मार्केटिंग सीजन के शुरूआती 11 महीनों के लिए भारत सरकार ने गेहूं के स्टॉक का जो आंकड़ा जारी किया है उससे संकेत मिलता है कि देश में गेहूं की खपत पूर्व अनुमान से कम होगी। 

रिपोर्ट के मुताबिक गेहूं का वैश्विक कारोबार 22.19 करोड़ टन होने की संभावना है जो मार्च के अनुमान से 3 लाख टन कम है। हालांकि रूस तथा कजाकिस्तान से गेहूं का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है लेकिन इससे यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया एवं ब्राजील से निर्यात में आने वाली गिरावट की पूरी तरह भरपाई नहीं हो पाएगी।

उत्पादन बढ़ने एवं उपयोग कम होने से गेहूं का वैश्विक बकाया स्टॉक बढ़कर 28.213 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है जो मार्च के अनुमान 27.696 करोड़ टन से ज्यादा है। गेहूं के प्रमुख उत्पादक देशों में चीन, भारत, रूस, अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ एवं अर्जेन्टीना आदि शामिल हैं। यूरोपीय संघ में फ्रांस और जर्मनी अग्रणी उत्पादन देश है।