चीनी उद्योग में तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर
10-Apr-2026 05:11 PM
नई दिल्ली। भारतीय चीनी उद्योग ने परम्परागत नीतिगत आधार पर अपने अस्तित्व को बचाने का रास्ता छोड़कर नई-नई टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन के जरिये अपने विकास का मार्ग तैयार करना शुरू कर दिया है।
इसके तहत अब गन्ना से सिर्फ चीनी के निर्यात पर जोर नहीं दिया जा रहा है बल्कि अन्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ाने का भी जोरदार प्रयास किया जा रहा है। इसमें एथनॉल सहित कई अन्य उप-उत्पाद भी शामिल हैं।
गत 7 एवं 8 अप्रैल को इस्मा द्वारा आयोजित शुगर नेक्स्ट 2026 कॉन क्लेव में विशेषज्ञों ने कहा कि नया जमाना तकनीकी उपयोग के विकास-विस्तार का है और इसकी सहायता से ऐसे कई उत्पादों का निर्माण एवं विकास किया जा सकता है जो चीनी उद्योग की प्रगति में सहायक साबित होगा।
तकनीकी विकास-विस्तार के फायदे से उद्योग परिचित है लेकिन इसमें निवेश करने से हिचक रहा है क्योंकि इसके अनुरूप मिलर्स / डिस्टीलर्स को वापसी हासिल होने में संदेह है।
एथनॉल का उदाहरण सामने है। देश में इसके उत्पादन की क्षमता तो काफी बढ़ चुकी है मगर इसका पूरा उपयोग करना संभव नहीं हो रहा है।
