गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष के लगभग बराबर- आगे सीमित वृद्धि की संभावना
24-May-2024 02:51 PM
नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा उसकी सहयोगी प्रांतीय एजेंसियों द्वारा चालू रबी मार्केटिंग सीजन में 22 मई 2024 तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल 261.75 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं खरीदा गया जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 262 लाख टन से कम है।
ध्यान देने की बात है कि गत वर्ष 262 लाख टन पर ही गेहूं की सरकारी खरीद समाप्त हो गई थी जबकि इस बार खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।
वैसे सरकारी क्रय केन्द्रों पर माल की आवक की गति काफी सुस्त होने से आगामी समय में गेहूं की खरीद में सीमित बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। अभी तक के परिदृश्य को देखते हुए लगता है कि गेहूं की कुल सरकारी खरीद शायद 2.70 लाख टन से आगे नहीं पहुंच पाएगी।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन वर्ष पर प्रमुख उत्पादक राज्यों में 20.67 लाख टन से अधिक किसानों से 261.75 लाख टन गेहूं खरीदा गया और 18.19 लाख किसानों को 52,62,880 लाख रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का भुगतान कर दिया गया।
इस बार 22 मई तक पंजाब में 123.86 लाख टन, हरियाणा में 71.10 लाख टन, मध्य प्रदेश में 47.90 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 8.94 लाख टन तथा राजस्थान में 9.83 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई।
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय पूल में 95 प्रतिशत से अधिक गेहूं का योगदान इन पांच राज्यों द्वारा दिया जाता है। इन सभी राज्यों में गेहूं की खरीद नियत लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है।
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने चालू वर्ष के लिए पंजाब में 130 लाख टन, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश में 80-80 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 60 लाख टन, राजस्थान में 20 लाख टन तथा बिहार में 2 लाख टन सहित राष्ट्रीय स्तर पर कुल 372.90 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसमें से अभी तक केवल करीब 262 लाख टन की ही खरीद हो सकी है जबकि खरीद की गति अत्यंत धीमी पड़ गयी है। इसका मतलब यह हुआ कि अभी गेहूं की वास्तविक खरीद नियत लक्ष्य से लगभग 111 लाख टन पीछे है और मार्केटिंग सीजन की कुल अवधि में 270 लाख टन खरीद की मात्रा पहुंचना मुश्किल लगता है।
मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में 125 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिए जाने के बावजूद किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना अनाज उतारने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
