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चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि से मिलर्स को सीमित फायदा

23-Sep-2026 03:46 PM

चीनी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि से मिलर्स को सीमित फायदा

नई दिल्ली। स्वदेशी चीनी उद्योग के दो सबसे प्रमुख संगठन - इस्मा तथा एनएफसीएसएफ ने कहा है कि बेशक अगस्त के दूसरे पखवाड़े के दौरान चीनी का दाम तेजी से बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया लेकिन इससे मिलर्स को बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। दरअसल 17 से 31 अगस्त 2026 के दौरान मिलर्स द्वारा करीब 7.22 लाख टन चीनी की बिक्री 4996.98 रुपए प्रति क्विंटल के औसत मूल्य पर की गयी।

उद्योग संगठनों के अनुसार बिक्री की यह मात्रा सीमित रही और इसकी अवधि भी छोटी थी। कीमतों में तेजी का ज्यादा लाभ अन्य वर्गों को हासिल हुआ जबकि कठिनाई उपभोक्ताओं की बढ़ी। अब भी हालात लगभग वैसे ही हैं। चीनी का एक्स फैक्ट्री मूल्य तो शीर्ष स्तर की तुलना में करीब 30 प्रतिशत घट गया है लेकिन खुदरा मूल्य में 10-12 प्रतिशत की ही गिरावट आई है। देश में करीब 285 लाख टन चीनी की वार्षिक खपत होती है जबकि लगभग 50 रुपए प्रति किलो के औसत मूल्य से जो 7.22 लाख टन चीनी बेची गयी वह कुल सालाना खपत की मात्र 2.5 प्रतिशत थी।