बीटी कॉटन सीड के मूल्य निर्धारण का विरोध
25-Mar-2026 08:01 PM
नई दिल्ली। कॉटन सीड्स प्राइस (कंट्रोल) आर्डर 2015 के अंतर्गत कपास बीज के उच्चतम खुदरा मूल्य (एमएसपी) का निर्धारण करना सरकार का वैद्यानिक दायित्व है भले ही इसमें कोई बदलाव न किया जाए। इसके चलते सरकार को प्रत्येक साल बीटी कॉटन सीड के मूल्य की घोषणा करनी पड़ती है। इस बार भी सरकार इस सम्बन्ध में सम्बद्ध पक्षों के साथ मीटिंग कर रही है।
दूसरी ओर एक किसान संगठन बीटी कॉटन सीड के मूल्य निर्धारण की प्रणाली का विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि बीटी कॉटन बीज का मूल्य निर्धारण होने से गैर जीएम कपास के बीज का दाम घटकर 300-400 रुपए प्रति पैकेट (450 ग्राम) रह जाता है।
चूंकि कीड़ों-रोगों और खासकर पिंक बॉलवर्म से अपनी सुरक्षा करने की बीटी कॉटन बीज की क्षमता संदिग्ध हो गई है इसलिए इसका एमआरपी निर्धारित करने की आवश्यकता नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पहली बार बीटी कॉटन सीड का एमआरपी वर्ष 2016 में नियत हुआ था। इसकी जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि कंपनियों द्वारा किसानों को काफी ऊंचे दाम पर इसकी बिक्री की जा रही थी।
