बासमती चावल के लिए ईरान के साथ बार्टर ट्रेड शुरू करने का सुझाव
02-Apr-2026 11:30 AM
चंडीगढ़। अमरीका और इजरायल के साथ भयंकर युद्ध में उलझे ईरान की आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ गई है जिसे देखते हुए पंजाब के बासमती चावल निर्यातकों ने सरकार से वस्तु विनिमय व्यापार (बार्टर ट्रेड) शुरू करने पर विचार करने का आग्रह किया है।
इसके तहत भारत से ईरान को बासमती चावल भेजा जाएगा और उसके मूल्य के बराबर ईरान से क्रूड खनिज तेल (पेट्रोलियम) मंगाया जाएगा। भारत उस क्रूड तेल की कीमतों का भुगतान ईरान के बजाए अपने चावल निर्यातकों को करेगा।
यह वस्तु विनिमय व्यापार मौजूदा संकट की घड़ी में दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होगा। युद्ध ग्रस्त ईरान को भारतीय चावल की जरूरत है जबकि भारत को पेट्रोलियम चाहिए। ईरान परम्परागत रूप से भारतीय बासमती चावल का अग्रणी खरीदार रहा है और भारतीय निर्यातक इस महत्वपूर्ण बाजार को खोना नहीं चाहते हैं।
लेकिन ईरान के साथ अभी भुगतान संकट की समस्या है इसलिए बार्टर ट्रेड से दोनों पक्षों को फायदा होगा। पंजाब राइस मिलर्स, एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री को एक पत्र भेजकर बासमती चावल निर्यातकों को वित्तीय कठिनाइयों से बाहर निकालने के लिए राहत-रियायत एवं सब्सिडी उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
