बड़ी इलायची के दाम में कुछ सुधार आने के आसार
13-Feb-2024 08:27 PM
गुवाहाटी । नेपाल में उत्पादन काफी घटने एवं भाव ऊंचा एवं तेज होने से भारत में इसका आयात महंगा बैठ रहा है। घरेलू प्रभाग में भी उत्पादन उम्मीद से कम हुआ है। बड़ी (काली) इलायची का भाव पहले तेज हुआ था जिससे छोटे-छोटे स्टॉकिस्टों ने माल निकालना शुरू कर दिया।
मुनाफावसूली की वजह से इसके दाम में 50 से 70 रुपए प्रति किलो तक की नरमी आ गई। लेकिन अब बिक्री की गति धीमी पड़ने लगी है इसलिए जल्दी ही इलायची के दाम में नरमी पर ब्रेक लग सकता है। इसके बाद बाजार पुनः ऊपर की ओर बढ़ने लगेगा मगर तेजी की रफ्तार धीमी रहेगी।
प्रमुख उत्पादक राज्यों में बड़ी इलायची की प्रथम चरण की फसल कमजोर रही थी और दूसरे दौर की तुड़ाई-तैयारी के दौरान भी उत्पादन उम्मीद से कम रहने के संकेत मिल रहे हैं। इससे घरेलू बाजार में आगामी महीनों के दौरान अभाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहेगी।
भूटान से भी कम माल आ रहा है क्योंकि नेपाल और भारत की भांति भूटान इ भी मौसम अनुकूल नहीं होने से इलायची का उत्पादन कमजोर रहा। भारत में काली इलायची का उत्पादन मुख्यत: सिक्किम में होता है जबकि मेघालय, आसाम एवं पश्चिम बंगाल इसके अन्य उत्पादक प्रान्त हैं।
इस बार प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में बारिश कम हुई और तापमान ऊंचा रहा। रहने अलावा फसल पर कीड़ों- रोगों का प्रकोप भी देखा गया। प्रथम चरण की तुड़ाई के दौरान बड़ी इलयाची का 30-40 प्रतिशत माल ही प्राप्त हो सका जबकि दूसरे चरण की तुड़ाई में भी उत्पादन सामान्य से कम होने की संभावना है।
दिल्ली में झुन्डीवाली बड़ी इलायची का भाव 1280-1290 रुपए प्रति किलो के करीब बताया जा रहा है। पहले इसमें 50 रुपए की तेजी आई थी जबकि बाद में 30 रुपए की नरमी आ गई।
सिक्किम में हुई पिछली नीलामी में इसका औसत मूल्य 1075 से 1463 रुपए प्रति किलो दर्ज की गई थी। उधर नेपाल से आयातित बड़ी इलायची का खर्च 1360 रुपए प्रति किलो के करीब बताया जा रहा है जबकि वहां इसकी आवक भी 500-1000 कट्टों की हो रही है।
