अर्जेन्टीना में शुष्क एवं गर्म मौसम से फसलों को खतरा
29-Jan-2026 11:11 AM
रोजारियो। लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में लम्बे समय से अच्छी बारिश नहीं होने तथा मौसम गर्म एवं शुष्क रहने से न केवल सोयाबीन एवं मक्का की बिजाई प्रभावित हो रही है बल्कि फसल की प्रगति पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
भयंकर सूखा एवं गर्मी के कारण कुछ क्षेत्रों में इसकी दोबारा बिजाई करने की आवश्यकता पड़ सकती है। हाल के दिनों में अर्जेन्टीना के कई इलाकों में उच्चतम तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फारेनहाइट) पर पहुंच गया। इससे खेतों की मिटटी से नमी तेजी से गायब होने लगी।
उल्लेखनीय है कि अर्जेन्टीना संसार में सोयाबीन का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है जबकि सोया तेल एवं सोयामील के निर्यात में प्रथम स्थान पर रहता है।
भारत में सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से होता है। इसी तरह अर्जेन्टीना दुनिया में मक्का के उत्पादन में चौथे और निर्यात में तीसरे नम्बर पर है लेकिन भारत में इसका आयात नहीं किया जाता है।
ब्राजील के पड़ोसी देश अर्जेन्टीना में सोयाबीन एवं मक्का के बिजाई अपेक्षाकृत लेट से शुरू होती है। वहां अभी तक कुल चिन्हित क्षेत्र के 93-94 प्रतिशत भाग में मक्का तथा 96-97 प्रतिशत हिस्से में सोयाबीन की बिजाई पूरी हो चुकी है।
यद्यपि अमरीका एवं ब्राजील में इन दोनों महत्वपूर्ण कृषि उत्पादों का शानदार उत्पादन होने का अनुमान है जिससे वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और कीमत नरम चल रही है
लेकिन यदि अर्जेन्टीना में फसल प्रभावित हुई तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भाव कुछ मजबूत हो सकता है। ब्राजील में नई फसल की कटाई आरंभ हो चुकी है जबकि अर्जेन्टीना में फरवरी-मार्च में शुरू होगी।
