अमरीका के साथ व्यापार समझौता में भारतीय कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित
09-Feb-2026 08:37 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि अमरीका के साथ हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते में भारतीय कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और इसमें ऐसे किसी भी उत्पाद को शामिल नहीं किया गया है जो भारतीय किसानों के लिए जरा सा भी हानिकारक हो।
दूसरी ओर विपक्षी दलों का कहना है कि इस समझौते के जरिए भारतीय कृषि क्षेत्र को अमरीका के हाथों बेच दिया गया है। ऐसा लगता है कि वास्तविक स्थिति इसके बीच में ही है।
कृषि मंत्री के अनुसार रचनात्मक संवाद के जरिए दोनों देश इस समझौते पर सहमत हुए हैं और इसके लिए भारतीय कृषि क्षेत्र के हितों की पूरी तरह सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है। भारत सरकार कृषि क्षेत्र एवं किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
उधर मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया है कि इस संधि के माध्यम से भारत ने अमरीका के आगे आत्म समर्पण कर दिया है। ध्यान देने वाली बात है कि अमरीका से सोया तेल, डीडीजीएस, लाल ज्वार तथा फल एवं सूखे मेवे वे आयात को सीमा शुल्क से विशेष छूट देने पर सहमति बनी है जो परोक्ष रूप से भारतीय उत्पादकों को प्रभावित कर सकती है।
लेकिन कृषि मंत्री ने कहा है कि ट्रेड डील में कोई 'सौदे बाजी' नहीं हुई है और यह समझौता देश के सर्वोत्तम हित में हैं। उनका कहना था कि भारत तथा अमरीका के बीच हुए इस समझौते से दुनिया में यह संदेश गया है कि भारत की नीति के प्रोमाइज की नहीं बल्कि कमिटमेंट की है। पूरे आत्म विश्वास के साथ सरकार देश हित में निर्णय लेती है।
कृषि मंत्री के मुताबिक इस व्यापार संधि में 'नेशन फर्स्ट' की कूटनीति, वर्ष 2024 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य तथा किसानों की मर्यादा का पूरा ध्यान रखा गया है।
वैश्विक बाजार के साथ भारतीय किसानों का सम्पर्क बढ़ाने की कोशिश हो रही है और आगे भी इसकी प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी।
