अगली नई फसल आने से पूर्व अनेक कारको पर निर्भर करेगा तुवर का भाव
24-May-2024 02:58 PM
नई दिल्ली । उद्योग व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि अगली नई फसल की आपूर्ति आरम्भ होने से पूर्व तुवर का घरेलू बाजार भाव अनेक कारको पर निर्भर करेगा।
उसमे अफ्रीका में उत्पादन, म्यांमार में अधिशेष स्टॉक, चालू वर्ष का मानसून तथा वैकल्पिक दलहनों का स्टॉक जैसे कारक शामिल है।
अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 के दौरान देश में म्यांमार से 1.83 लाख टन सहित कुल 7.15 लाख टन तुवर का आयात हुआ जबकि वित्त वर्ष 2022-23 की पूरी अवधि (अप्रैल-मार्च) में 8.94 लाख टन का आयात हुआ था।
तुवर का घरेलू उत्पादन पिछले दो साल से मांग एवं खपत की तुलना में कम हो रहा है और इसलिए आयात पर निर्भरता बढ़ती जा रही है जो कीमतों में बढ़ोत्तरी का एक महत्वपूर्ण कारण है।
चालू वर्ष के दौरान दक्षिण-पश्चिंम मानसून के सीजन के अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे अरहर (तुवर) सहित अन्य दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने के आसार है तुवर की बिजाई जून-जुलाई में तथा फसल की कटाई तैयारी दिसम्बर-जनवरी में शुरू होगी। यदि बिजाई की हालत बेहतर रही तो तुवर के बाजार पर कुछ मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है।
इस बीच केंद्रीय उपभोक्ता पाम के विभाग ने अपनी दो टीमों को महाराष्ट्र के मुंबई, लातूर, एवं सोलापुर में तुवर के स्टॉक का पता लगाने के लिए भेजा है ये टाइम इस बात का पता लगाएंगी कि दलहन स्टॉक का घोषित विवरण सही है या नहीं और राज्य सरकार इसका सत्यापन किस तरह से करती है
तुवर की मांग एवं आपूर्ति के बीच का अंतर 12-15 लाख टन तक आंका जा रहा है जिसे आयात सहित कुछ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भरने का प्रयास हो रहा है तुवर का घरेलू उत्पादन 33.34 लाख टन के बीच रहा जबकि मांग एवं खपत 44-45 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है।
