अगले महीने से चीनी मिलों की जांच-पड़ताल कर सकती है सरकार

27-Jul-2026 01:23 PM

नई दिल्ली। चीनी के घरेलू बाजार मूल्य में हाल के दिनों में आए जोरदार उछाल को देखते हुए केन्द्र सरकार ने अगले महीने सभी इकाइयों के बकाया स्टॉक एवं बिक्री के आंकड़ों का पता लगाने के लिए भौतिक जांच-पड़ताल आरंभ करने का निर्णय लिया है।

स्टॉक के सत्यापन का अभियान 1 से 14 अगस्त के दौरान किया जाएगा। सरकार का कहना है कि चीनी मिलों में वास्तविक स्टॉक पोजीशन तथा उत्पाद की बिक्री के आंकड़े में मिलान होना आवश्यक है। यदि इसमें अंतर पाया गया तो मिल के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है जिसमें जुर्माना भी शामिल हो सकता है।

सरकार ने सभी चीनी मिलों को उत्पाद की निकासी का सम्पूर्ण रिकॉर्ड दुरुस्त रखने और बिक्री का सही दस्तावेज तैयार करने का निर्देश दिया है ताकि जांच-पड़ताल के दौरान उसमें कोई गड़बड़ी, अनियमितता अथवा हेराफेरी की गुंजाइश न रहे। बिक्री के बाद चीनी का उतना स्टॉक मिल के पास अवश्य मौजूद होना चाहिए जिसकी घोषणा पहले की जा चुकी है। 

स्टॉक सत्यापन करने वाले दल में केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय के अधिकारी तथा राज्य सरकार के अधिकारी शामिल होंगे। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने एक पत्र के माध्यम से सही चीनी मिलों को इसकी सूचना दे दी है। 

पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान चीनी के दाम में 15 प्रतिशत से अधिक का भारी इजाफा हो गया। बाजार में इस तरह की अफवाह फैलाई गई कि आगामी महीनों के दौरान चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहेगी और कीमतों में भारी तेजी का माहौल रहेगा।

इसी अटकलबाजी के कारण चीनी की घबराहटपूर्ण लिवाली की गति तेज हो गई। दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमजोर वर्षा से गन्ना की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका भी व्यक्त की गई। 1 जून से 24 जुलाई के दौरान देश में पंचवर्षीय औसत की तुलना में 16 प्रतिशत कम बारिश हुई।

पिछले सप्ताह इस्मा तथा एनएफसीएसएफ ने चीनी की सटोरिया लिवाली पर चिंता व्यक्त की थी और ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने भी  दावा किया था कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलध है और जल्दबाजी में इसकी भारी खरीद करने की कोई जरूरत नहीं है।