वैश्विक बाजार में प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन की अच्छी गुंजाइश
22-Jan-2025 01:42 PM
दाबोस । भारतीय खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विकास-विस्तार बढ़ाने के लिए प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सेक्टर के पास विशाल क्षमता एवं गुंजाइश मौजूद है।
दाबोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शामिल हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने कहा है कि उन्हें महत्वपूर्ण दायित्व के साथ इस मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है।
मंत्रालय का इरादा भारतीय किसानों को अधिक से अधिक सहायता पहुंचाना है और साथ ही साथ देश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत बनाना भी है।
मंत्री महोदय का कहना था कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और इस महत्वकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र उल्लेखनीय योगदान दे सकता है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के अनुसार भारतीय किसानों को पहले फसलों की कटाई के बाद विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता था
मगर पिछले 10 वर्षों के दौरान सरकार द्वारा कई ऐसे कार्यक्रम आरंभ किए गए जिससे न केवल किसानों को उन समस्याओं से छुटकारा पाने में सहायता मिली है बल्कि इस क्षेत्र में अनेक नए-नए उद्यमियों की सक्रियता भी बढ़ गई है।
अब खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से नए-नए प्लांट लगाए जा रहे हैं और किसानों से उचित दाम पर फसलों की खरीद की जा रही है।
इससे खासकर जल्दी खराब होने वाले खाद्य उत्पादों का सदुपयोग करने का अच्छा अवसर मिलने लगा है। ग्रामीण क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था को सरकारी कार्यक्रमों से मजबूती मिल रही है।
यह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र अब केवल महानगरों या कुछ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण एवं कस्बाई इलाकों तक इसका विकास-विस्तार होने लगा है।
