उड़द बाजार में गिरावट जारी, आयात बढ़ने की संभावना
22-Aug-2026 12:38 PM
दाल मिलों की कमजोर मांग के चलते शुक्रवार को घरेलू बाजार में उड़द की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। व्यापारियों के अनुसार, खपत का सीजन शुरू होने के बावजूद दाल मिलर्स फिलहाल केवल अपनी तत्काल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, आगामी महीनों में आयात बढ़ने की संभावना को देखते हुए बाजार में बड़ी तेजी के प्रति कारोबारी सतर्क बने हुए हैं। हालांकि, त्योहारी सीजन नजदीक आने के साथ उड़द दाल की मांग में सुधार की उम्मीद है। इससे मौजूदा गिरावट पर कुछ हद तक अंकुश लग सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार में तेज तेजी के मजबूत संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
घरेलू आवक कमजोर
उत्पादक मंडियों में समर उड़द की आवक पिछले वर्ष की तुलना में कमजोर बनी हुई है। आने वाले दिनों में उड़द मोगर और गोटा की मांग में सुधार की उम्मीद है। कर्नाटक के बागलकोट क्षेत्र में इस वर्ष उड़द की फसल काफी अच्छी बताई जा रही है, जिससे आगे चलकर घरेलू आपूर्ति को कुछ समर्थन मिल सकता है। फिलहाल उड़द दाल की ग्राहकी कमजोर होने के कारण मिलर्स स्टॉक बढ़ाने के बजाय जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। इससे मंडियों में बेहतर माल की मांग होने के बावजूद कीमतों में तेजी का आधार मजबूत नहीं बन पा रहा है।
बंदरगाह स्टॉक कम, लेकिन आयात बढ़ने की संभावना
बंदरगाहों पर उड़द का स्टॉक फिलहाल कम बताया जा रहा है। खपत का सीजन शुरू होने से आने वाले दिनों में दाल की मांग बढ़ने की संभावना है। हालांकि, घरेलू मांग बढ़ने के साथ आयात में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। यही वजह है कि बाजार में मांग बढ़ने के बावजूद कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना सीमित मानी जा रही है।
ब्राजील से अगस्त-सितंबर में बढ़ेगी आपूर्ति
ब्राजील से उड़द का आयात अगस्त के दौरान छोटी-छोटी खेपों में जारी रहने की संभावना है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में अपेक्षाकृत बड़ी खेप आने की उम्मीद है। सितंबर में ब्राजील की आपूर्ति बढ़ने के साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक से भी अच्छी घरेलू आपूर्ति मिलने की संभावना है। इसके बाद अक्टूबर से मध्य प्रदेश और राजस्थान की उत्पादक मंडियों में नई उड़द की आवक शुरू होने की उम्मीद है। यदि प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मौसम अनुकूल बना रहता है, तो आगे घरेलू आवक और उत्पादन की स्थिति बेहतर हो सकती है।
आयात में अभी भी गिरावट
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चालू वर्ष जनवरी से जून के दौरान उड़द का आयात पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत से अधिक घटकर करीब 2.27 लाख टन रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में आयात लगभग 2.81 लाख टन था।
बाजार का रुख
कुल मिलाकर, कमजोर घरेलू आवक, कम बंदरगाह स्टॉक और आगामी त्योहारी सीजन से मांग में सुधार की संभावना उड़द बाजार को सहारा दे सकती है। लेकिन ब्राजील से बढ़ती आपूर्ति, आगे संभावित आयात वृद्धि और फिलहाल दाल मिलों की सीमित खरीदारी को देखते हुए बाजार में बड़ी तेजी की संभावना कम है। निकट अवधि में उड़द बाजार में गिरावट सीमित रहने और मांग में सुधार होने पर स्थिरता आने की संभावना अधिक दिखाई देती है। नई फसल की आवक और आयातित माल की उपलब्धता आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
