आयात के सहारे चीनी की आपूर्ति में 15 प्रतिशत का सुधार संभव

22-Aug-2026 01:31 PM

मुम्बई। केन्द्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक की समयावधि के लिए 10 लाख टन चीनी के शुल्क मुक्त आयात की जो मंजूरी दी है उससे सितम्बर-नवम्बर के पीक त्यौहारी सीजन के दौरान चीनी की आपूर्ति में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है और इसकी कीमतों में कुछ नरमी आने की संभावना भी रहेगी। 

एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी के अनुसार टैरिफ रेट कोटा प्रणाली के अंतर्गत इस 10 लाख टन रॉ शुगर के आयात की स्वीकृति दी गई है। चूंकि घरेलू बाजार भाव रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर चल रहा है इसलिए मिलर्स / रिफाइनर्स जल्दी से जल्दी  इसके आयात का हर संभव प्रयास अवश्य करेंगे। 

पिछले तीन-चार साल के दौरान औसतन 70 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा सितम्बर-नवम्बर की तिमाही में आवंटित होता रहा है जबकि इस 10 लाख टन आयातित माल से इस अवधि में चीनी की कुल उपलब्धता 15 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है। 

इस बीच सरकार ने चीनी मिलों से 15 अक्टूबर से गन्ना की क्रशिंग आरंभ करने के लिए कहा है जिससे उस महीने में चीनी का उत्पादन 10 लाख टन तक पहुंच सकता है। आमतौर पर अक्टूबर के तीसरे-चौथे सप्ताह में सीमित मिलें गन्ना की क्रशिंग शुरू करती है जिससे चीनी का उत्पादन 3-4 लाख टन तक ही पहुंच पाता है।

उद्योग के पास चीनी का सीमित स्टॉक मौजूद है इसलिए सरकार को सोच-समझ कर मासिक बिक्री का कोटा नियत करना पड़ रहा है। लेकिन आयात एवं अक्टूबर के अतिरिक्त उत्पादन के सहारे उसे बिक्री का कोटा बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। चीनी के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा में बढ़ोत्तरी होने की संभावना बहुत कम है।