उत्तरी भारत में बढ़ते तापमान से फिलहाल रबी फसलों को विशेष खतरा नहीं
22-Jan-2025 11:44 AM
नई दिल्ली । हालांकि उत्तरी भारत में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है और दिन में अच्छी धूप निकल रही है मगर जानकारों का मानना है कि फिलहाल रबी फसलों के लिए कोई विशेष खतरा नहीं है क्योंकि इसकी बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है। कुल मिलाकर फसलों की बिजाई तथा प्रगति गत वर्ष से बेहतर देखी जा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 17 जनवरी 2025 तक राष्ट्रीय स्तर पर रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 640 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 637.49 लाख हेक्टेयर से 2.51 लाख हेक्टेयर अधिक रहा।
गेहूं के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र- पश्चिमोत्तर भारत में तापमान बढ़ना शुरू हो गया है जिससे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान जैसे प्रांतों में फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है लेकिन यह देखना आवश्यक होगा कि फरवरी और मार्च का मौसम कैसा रहता है।
चालू सप्ताह के पहले दिन केन्द्रीय कृषि मंत्री ने रबी फसलों की बिजाई में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की जिसमें मौसम की हालत तथा कीड़ों-रोगों पर नजर रखी जा रही है।
इस बैठक में देश की प्रमुख थोक मंडियों में विभिन्न फसलों की कीमतों का आंकलन भी किया गया। स्वयं कृषि मंत्री सम्पूर्ण स्थिति पर गहरी नजर रख रहे हैं।
वे कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार साप्ताहिक बैठक कर रहे हैं और इन अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ नियमित रूप से सम्पर्क बनाए रखने का निर्देश दे रहे हैं।
करनाल स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के एक पूर्व निदेशक का कहना है कि आमतौर पर इस समय कुछ दिनों के लिए तापमान बढ़ जाता है और गेहूं की फसल इससे प्रभावित नहीं होती है।
उधर मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 23 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में वर्षा / ओलावृष्टि होती रहेगी जबकि 22 एवं 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है और ओले गिर सकते हैं। इसी तरह 22 जनवरी को राजस्थान एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।
