उत्पादन घटने की संभावना एवं स्टॉकिस्टों की लिवाली से धनिया में तेजी
11-Apr-2026 12:19 PM
मुम्बई। पिछले सीजन में धनिया का घरेलू बाजार भाव नीचे रहने से आकर्षक आमदनी प्राप्त नहीं हुई थी इसलिए 2025-26 के सीजन में इस महत्वपूर्ण मसाले के बजाए किसानों ने सरसों सहित अन्य फसलों की खेती में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।
चालू सीजन के दौरान धनिया के उत्पादन में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं जबकि स्टॉकिस्टों एवं दिसावरी व्यापारियों के साथ-साथ निर्यातकों द्वारा भी इसकी अच्छी लिवाली की जा रही है जिससे इसका भाव ऊंचा एवं तेज चल रहा है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान धनिया का वायदा भाव करीब 67 प्रतिशत तथा हाजिर बाजार मूल्य लगभग 50 प्रतिशत ऊंचा चल रहा है। समीक्षकों के मुताबिक नए माल की जोरदार आवक होने पर कुछ समय के लिए धनिया का भाव कुछ नरम पड़ सकता है
लेकिन उसके बाद इसमें तेजी-मजबूती का रुख जारी रहने की संभावना है। यद्यपि विदेशों से भारी आयात होने पर बाजार नीचे आ सकता है मगर पश्चिम एशिया के संकट एवं ऊंचे शिपिंग खर्च के कारण कीमतों में ज्यादा नरमी आना मुश्किल लगता है।
कमोडिटी एक्सचेंज में मई अनुबंध के लिए धनिया का वायदा भाव अप्रैल में अब तक 67 प्रतिशत उछलकर 13,088 रुपए प्रति क्विंटल तथा औसत हाजिर बाजार मूल्य करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 130 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। विश्लेषकों के मुताबिक धनिया का घरेलू उत्पादन पिछले तीन साल से घट रहा है।
2025-26 के मौजूदा सीजन में इसका उत्पादन घटकर 95-97 लाख बोरी (40 किलो की प्रत्येक बोरी) पर सिमट जाने का अनुमान है जबकि 2024-25 के सीजन में 110 लाख बोरी एवं 2023-24 के सीजन में 120 लाख बोरी का उत्पादन आंका गया था। कमजोर उत्पादन से आपूर्ति की स्थिति जटिल रह सकती है।
95 लाख बोरी के उत्पादन एवं 35 लाख बोरी के पिछले बकाया स्टॉक के साथ धनिया की कुल उपलब्धता 130 लाख बोरी तक पहुंच सकती है जबकि घरेलू एवं निर्यात मांग 150 से 170 लाख बोरी के बीच रहती है। इससे मांग एवं आपूर्ति का समीकरण जटिल रह सकता है।
