उत्पादन एवं स्टॉक कम होने से कनाडाई काबुली चना के निर्यात में गिरावट आने का अनुमान
17-Oct-2023 03:15 PM
वैंकुवर । कनाडा से 2022-23 के मार्केटिंग सीजन (अगस्त-जुलाई) में 2.30 लाख टन से कुछ अधिक काबुली चना का निर्यात हुआ था जबकि 2023-24 के वर्तमान सीजन में निर्यात आधा से अधिक घटकर 1.05 लाख टन से करीब रह जाने की संभावना है।
एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक के अनुसार पिछला बकाया स्टॉक बहुत कम रहने तथा चालू सीजन के उत्पादन में कमी आने से कनाडा में काबुली चना की उपलब्धता 39 प्रतिशत की जोरदार गिरावट के साथ 2.00 लाख टन के करीब रह जाने की उम्मीद है।
अमरीका इसका एक महत्वपूर्ण खरीदार है मगर वहां बेहतर उत्पादन होने से आयात कम होगा और मुख्यत: मोटे (बड़े) दाने वाले माल के आयात पर जोर रहेगा।
इसके फलस्वरूप कनाडा को अमरीकी बाजार में मैक्सिको की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा क्योंकि मैक्सिको में अच्छी क्वालिटी के एकबुली चने का अधिक उत्पादन होता है।
बारिश के अभाव एवं ऊंचे तापमान के कारण कनाडा में इस बार न केवल काबुली चने की औसत उपज दर में गिरावट आई बल्कि दाने की क्वालिटी भी प्रभावित हुई और इसका आकार छोटा रह गया।
वहां अच्छी क्वालिटी के मोटे माल का ज्यादा स्टॉक नहीं बचेगा और इसका दाम भी ऊंचा रहेगा जिससे इसके निर्यात पर असर पड़ सकता है। छोटे एवं बड़े दाने वाले काबुली चना के बीच कीमतों का अंतर काफी बढ़ गया है।
तुर्की में भी छोटे दाने वाले काबुली चना का उत्पादन अपेक्षाकृत अधिक हुआ है जबकि रूस में इसका उत्पादन ही ज्यादा होता है। मैक्सिकों में वर्ष 2024 के दौरान उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
भारत में काबुली चना की नई फसल अगले वर्ष फरवरी-मार्च से आने लगेगी जबकि इसकी बिजाई की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होने वाली है। रूस में उत्पादन 4.20 लाख टन से बढ़कर 5 लाख टन पर पहुंच गया है और वह अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर उपलब्ध है। इसके कनाडा के काबुली चना निर्यातकों को वैश्विक बाजार में कठिन चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
