उर्वरक सब्सिडी बिल बढ़कर 3.50 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान

26-May-2026 11:16 AM

नई दिल्ली। भारत में विदेशों से विशाल मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का आयात होता है और केन्द्र सरकार इस पर भारी-भरकम सब्सिडी देती है ताकि किसानों को यह रियायती दाम पर उपलब्ध हो सके।

पश्चिम एशिया में जारी संकट एवं होर्मुज स्टेट के बंद होने से न केवल उर्वकरों का आयात प्रभावित हो रहा है बल्कि इस पर खर्च भी बढ़ रहा है। आयात खर्च में हो रही वृद्धि से सरकारी सब्सिडी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएगी। 

आमतौर पर वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान उर्वरकों पर सरकारी सब्सिडी 3 लाख करोड़ रुपए के आसपास रहने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन यदि पश्चिम एशिया का संकट आगामी रबी सीजन तक बरकरार रहा तो उर्वरक सब्सिडी बिल का आकार बढ़कर 3.50 लाख करोड़ रुपए के शीर्ष स्तर तक पहुंच सकता है।

इससे सरकारी राजकोष पर दबाव काफी बढ़ जाएगा। खरीफ सीजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है बल्कि विदेशों से महंगे उर्वरकों का आयात भी बढ़ाया जा रहा है। आयात का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा जिससे सब्सिडी बिल में बढ़ोत्तरी होती रहेगी।