रबी फसलों के मंडी भाव में मिश्रित रुख
26-May-2026 11:52 AM
नई दिल्ली। रबी सीजन में उत्पादित होने वाली जिन पांच प्रमुख फसलों- गेहूं, जौ, चना, मसूर एवं सरसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाता है उसके थोक मंडी भाव में फिलहाल मिश्रित रुख देखा जा रहा है। सरकारी पोर्टल- एगमार्कनेट के आंकड़ों से पता चलता है कि इन पांच जिंसों में से दो का मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 4-5 प्रतिशत नीचे तथा तीन अन्य का दाम एमएसपी से 14 प्रतिशत तक ऊपर चल रहा है। रबी मार्केटिंग सीजन अप्रैल से जून तक क्रियाशील रहता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अखिल भारतीय स्तर पर उत्पादक मंडियों में गेहूं का औसत थोक भाव 2456 रुपए प्रति क्विंटल है जो 2585 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से करीब 5 प्रतिशत नीचे है। दूसरी ओर जौ का औसत मंडी भाव 2198 रुपए प्रति क्विंटल आंका गया है
जो 2150 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से 2 प्रतिशत ऊपर है। मक्का का उत्पादन खरीफ के साथ-साथ रबी सीजन में भी होता है। इसका एमएसपी 2025-26 सीजन के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल नियत है जबकि औसत थोक मंडी भाव 21 प्रतिशत नीचे यानी 1896 रुपए प्रति क्विंटल है।
दलहनों के संवर्ग में चना का औसत थोक मंडी भाव 5656 रुपए प्रति क्विंटल आंका गया है जो 5875 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से 4 प्रतिशत नीचे है लेकिन मसूर का थोक मंडी औसत भाव 7075 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य 7000 रुपए प्रति क्विंटल से थोड़ा ऊपर है।
इस तरह गेहूं, चना और मक्का का औसत थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे तथा जौ, मसूर तथा सरसों का दाम ऊपर चल रहा है। सरसों का एमएसपी इस बार 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जबकि औसत थोक मंडी भाव इससे 14 प्रतिशत ऊपर यानी 7081 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है।
